पटियाला, 29 अगस्त,2026 (विशाल गुप्ता): सरकारी राजिंदरा अस्पताल पटियाला के मॉडल नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के लिए दाखिल करीब 50 व्यक्तियों की कलाई पर बहनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राखियां बांधकर उन्हें नशों से दूर रहने और नशा मुक्त जीवन जीने का संदेश दिया।
इस अवसर पर ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा मुक्त हुए व्यक्ति, जिन्हें ‘सूरमाओं’ का नाम दिया गया है, भी विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने नशे की लत के शिकार और उपचार के लिए दाखिल व्यक्तियों के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया। इसी दौरान नशा मुक्ति मोर्चा के नेता यादविंदर सिंह संधू गोल्डी (मोर्चा इंचार्ज, पटियाला देहाती) और सर्व प्रेम एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भी राखी के पवित्र त्योहार के अवसर पर नशों से दूर रहने और नशा न करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। गोल्डी संधू लादेन ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। राजिंदरा अस्पताल के मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. रजनीश राज और मॉडल नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज डॉ. रोहित गर्ग ने उपचार के लिए दाखिल व्यक्तियों को नशों के दुष्प्रभावों से अवगत करवाया और उपचार को सफल बनाने के लिए जरूरी सुझाव साझा किए।

डॉ. रजनीश राज ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के नेतृत्व में मॉडल नशा मुक्ति केंद्र में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत अब तक करीब 800 व्यक्तियों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है।
डॉ. रोहित गर्ग ने बताया कि मनोरोग विभाग में मेथाडोन मेंटेनेंस ट्रीटमेंट क्लिनिक भी चलाया जा रहा है, जहां रोजाना करीब 10 मरीजों को नशा छोड़ने के लिए दवा मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती है। इस अवसर पर डॉ. अदिति बांसल भी उपस्थित थीं।
उपचार के लिए दाखिल व्यक्तियों ने बताया कि वे बुरी संगत के कारण नशों के जाल में फंस गए थे, लेकिन पंजाब सरकार के अभियान के तहत करवाए जा रहे उपचार से उन्हें नशों से मुक्ति की उम्मीद मिली है। उन्होंने कहा कि वे नशों का पूरी तरह त्याग कर समाज की मुख्यधारा में वापस आने और ‘सूरमा’ बनने के लिए दृढ़ हैं।






