श्री फतेहगढ़ साहिब, 6 सितंबर, 2026 (हर्षलीन सिंह): मानव विकास संस्थान (एम.वी.एस) द्वारा द नेचर कंजर्वेंसी (टीएनसी) के सहयोग से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट ‘प्राण’ के तहत पंजाब के 10 जिलों में किसानों को पानी और खाद के उचित एवं आवश्यकता के अनुसार उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को खेत स्तर पर व्यावहारिक जानकारी और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाकर जल-संरक्षण, संसाधन-कुशल और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है।
इस अभियान के तहत जालंधर, लुधियाना, मोगा, मालेरकोटला, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर, बठिंडा, मानसा और फरीदकोट जिलों में एमवीएस की क्षेत्रीय टीमों द्वारा गांव स्तर की बैठकें, किसान जागरूकता शिविर, खेत स्तर पर प्रदर्शन, तकनीकी प्रशिक्षण सत्र और किसानों के साथ सीधे सलाह-मशवरे किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से धान की फसल में पानी, खाद और पोषक तत्वों के आवश्यकता के अनुसार उपयोग संबंधी जानकारी दी जा रही है।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पत्ती रंग सूचक (लीफ कलर चार्ट—एलसीसी) के उपयोग को बढ़ावा देना है। किसानों को फसल की पत्तियों के रंग की जांच करके नाइट्रोजन की आवश्यकता का आकलन करने और उसके अनुसार यूरिया का उपयोग करने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे किसानों को फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खाद की मात्रा और उपयोग का उचित समय तय करने में सहायता मिलती है तथा अनावश्यक खाद के उपयोग को कम करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
इसी प्रकार किसानों को वैकल्पिक गीली-सूखी सिंचाई विधि (अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग—एडब्ल्यूडी) अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को एडब्ल्यूडी पाइप की सही स्थापना, खेत में पानी के स्तर की निगरानी और फसल की आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करने संबंधी जानकारी दी जा रही है। इस विधि के माध्यम से अनावश्यक सिंचाई को कम करके पानी के अधिक उचित उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रोजेक्ट ‘प्राण’ के तहत चलाया जा रहा यह अभियान किसानों को “सही समय पर सही मात्रा में पानी और खाद का उपयोग” करने के लिए प्रेरित कर रहा है। खेत स्तर पर लगातार संपर्क के माध्यम से किसानों की समस्याओं और सवालों को समझकर उन्हें मौके पर तकनीकी सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि नई कृषि तकनीकों को केवल समझा ही न जाए, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी अपनाया जा सके।
प्रोजेक्ट ‘प्राण’ किसानों, स्थानीय समुदायों, सरकारी विभागों और अन्य भागीदारों के सहयोग से पंजाब में पानी के संरक्षण, कृषि संसाधनों के उचित उपयोग और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। जागरूकता, तकनीकी सहायता और खेत स्तर पर भागीदारी के माध्यम से किए जा रहे ये प्रयास पंजाब की कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।






