दिड़बा, 5 अक्टूबर, 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा हलका दिड़बा के गांवों में विकास कार्यों को और गति देने के लिए पांच गांवों की पंचायतों को कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि के चेक गांवों की चौपालों में पहुंचकर सौंपे। उन्होंने खुद गांवों में पहुंचकर सरपंचों को चेक सौंपे और निर्देश दिए कि विकास कार्य जल्द से जल्द शुरू करके निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि लोगों को इनका लाभ शीघ्र मिल सके।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने बताया कि गुरु तेग बहादुर नगर, आबादी हरियाऊ को 20 लाख रुपये, संगतपुरा को 3 लाख रुपये, रटोलां को 40 लाख रुपये, सूलर घराट को 40 लाख रुपये और रामपुर गुज्जरां को 15 लाख रुपये की ग्रांट दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि गांवों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
श्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार गांवों और शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में बेहतर सड़कें, गलियां-नालियां, खेल सुविधाएं और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण करके लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि दिड़बा हलके को पहले पिछड़े हलके के रूप में जाना जाता था, लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों से हलके की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा कि दिड़बा को विकास के अग्रणी हलकों में शामिल करने के लिए सड़क संपर्क, खेल ढांचे और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई दशकों से अधूरे पड़े कई कार्य मौजूदा सरकार ने साढ़े चार वर्षों के दौरान पूरे करके दिखाए हैं।
श्री चीमा ने कहा कि गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने के साथ-साथ युवाओं के लिए खेल स्टेडियम भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि खेल मैदान युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर प्रदान करते हैं और उन्हें नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देकर उनके लिए आगे बढ़ने के अवसर पैदा करना है।
वित्त मंत्री ने सरपंचों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रांटों का पारदर्शी और उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए और प्रत्येक रुपया लोगों के कल्याण के लिए खर्च किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांवों की जायज विकास जरूरतों के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का उल्लेख करते हुए श्री चीमा ने कहा कि नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाने के लिए किए गए प्रयासों से किसानों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि खेतों तक पानी की बेहतर पहुंच कृषि को मजबूत करने और किसानों के सिंचाई खर्च को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा से बड़ी संख्या में परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। इसी तरह महिलाओं के कल्याण के लिए ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

श्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि लोगों द्वारा टैक्स के रूप में दिया गया पैसा उनकी सुविधाओं और कल्याण के लिए ही इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों, गांवों की गलियों-नालियों, स्टेडियमों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर किया जा रहा खर्च इसी जनहितैषी सोच का हिस्सा है। उन्होंने पंचायतों से अपील की कि वे विकास कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाएं और गांववासियों की जरूरतों को प्राथमिकता दें।
इस अवसर पर ओ.एस.डी. तपिंदर सिंह सोही, नगर सुधार ट्रस्ट संगरूर के चेयरमैन प्रीतम सिंह पीतू, मार्केट कमेटी दिड़बा की चेयरपर्सन जसवीर कौर शेरगिल, मार्केट कमेटी सूलर घराट के चेयरमैन हरविंदर सिंह छाजली सहित गांवों के सरपंच, पंचायत सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।





