वॉशिंगटन, 10 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद दावा किया है कि रूस अमेरिका को तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। ट्रंप के मुताबिक, इस कदम से अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, प्रस्तावित आपूर्ति और इसकी शर्तों को लेकर अभी तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बातचीत को सफल बताते हुए डीजल की आपूर्ति का जिक्र किया। उनके इस बयान को अमेरिका में बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डीजल की बढ़ती कीमतों से अमेरिकी कारोबार प्रभावित
अमेरिका में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर किसानों, ट्रक चालकों, परिवहन कंपनियों और अन्य कारोबारों पर पड़ रहा है। डीजल महंगा होने से कृषि कार्यों, माल ढुलाई और उत्पादन की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
रॉयटर्स की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में डीजल की औसत कीमत 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थी। ऐसे में रूस से बड़ी मात्रा में डीजल मिलने का दावा अमेरिकी बाजार के लिए अहम माना जा रहा है।
रूस पर प्रतिबंधों के बीच आपूर्ति का दावा
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस पहल का उद्देश्य रूस की ऊर्जा से होने वाली आय पर दबाव बढ़ाना है।
ऐसे माहौल में रूस से अमेरिका को डीजल आपूर्ति की घोषणा दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। हालांकि, इस कथित आपूर्ति की समयसीमा, कीमत, परिवहन मार्ग और अन्य शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है। रूस की ओर से इस घोषणा की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।
ऊर्जा संकट के बीच राहत की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की आपूर्ति पर भू-राजनीतिक तनावों का असर पड़ रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने कीमतों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इनमें सहयोगी देशों से तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडार जारी करने का आग्रह तथा वर्ष के अंत तक सड़क उपयोग के लिए कुछ कर-मुक्त डीजल की अनुमति देना शामिल है।
रूस ने भी प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों के बीच अपनी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में ट्रंप का जल्द कीमतें घटने का दावा ध्यान आकर्षित कर रहा है।
फिलहाल, अमेरिकी उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत कितनी और कब मिलेगी, यह प्रस्तावित डीजल आपूर्ति के अमल, बाजार में उपलब्ध ईंधन की मात्रा और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले बदलाव पर निर्भर करेगा।





