2.21 करोड़ आबादी को लाभ
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026 (राजेश कुमार दास): उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे से आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़े परिणाम सामने आए हैं। राज्य सरकार द्वारा बाढ़ सुरक्षा के कार्यों को तेज गति देते हुए प्रदेश की 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बाढ़ से सुरक्षित कर लिया गया है। इस प्रभावी जल प्रबंधन और सुरक्षा उपायों से प्रदेश की 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिला है।
बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई से जुड़े मुख्य बिंदु:
बाढ़ परियोजनाओं की सफलता: वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के बीच अब तक लगभग 1,549 बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।
आबादी और भूमि की सुरक्षा: इन कार्यों के माध्यम से 2.21 करोड़ से अधिक लोगों को बाढ़ के जोखिम से बचाया गया है तथा 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि व ग्रामीण बस्तियों को सुरक्षा मिली है।
सिंचन क्षमता का विस्तार: वर्ष 2022-23 से 2025-26 के दौरान कुल 1,300 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गईं, जिससे 24.11 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ और 1.90 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए।
विशाल नेटवर्क: प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 76,527 किलोमीटर लंबी नहरों, 71 जलाशयों और 36,342 नलकूपों के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था के नेटवर्क को अत्यधिक मजबूत किया गया है।
किसानों और ग्रामीण जीवन को मिली मजबूती
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक, इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के विनाशकारी प्रभाव को कम करना और ग्रामीण आजीविका को संबल देना है। बाढ़ के दौरान खेतों में खड़ी फसल, उपजाऊ मिट्टी के कटाव और बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान पर रोक लगने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही, ग्रामीण संपर्क मार्गों और स्थानीय जनजीवन को सुरक्षित रखने की दिशा में भी इन प्रबंधनों ने अहम भूमिका निभाई है।
सरकार की इन दूरदर्शी पहलों से न केवल उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी एक नया संबल मिला है।