चेन्नई, 12 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई दौरे के दौरान आध्यात्मिक आस्था, वैज्ञानिक अनुसंधान और शहरी परिवहन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने आईआईटी मद्रास परिसर में स्थित श्री जलकंठेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने संस्थान के ‘सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर’ का दौरा किया और वहां मानव मस्तिष्क से संबंधित अनुसंधान कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरे में धार्मिक परंपराओं के साथ आधुनिक विज्ञान और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ हुआ स्वागत
आईआईटी मद्रास परिसर स्थित मंदिर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच स्वागत किया गया। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी मौजूद रहे।
मंदिर के पुजारियों ने प्रधानमंत्री को धार्मिक अनुष्ठानों और श्री चक्र के महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। आईआईटी मद्रास परिसर में स्थित यह शिव मंदिर लंबे समय से संस्थान का हिस्सा रहा है और इसका नवीनीकरण भी किया गया है।
ब्रेन सेंटर में मानव मस्तिष्क पर चल रहे शोध की जानकारी ली
मंदिर में दर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने ‘सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर’ का दौरा किया। यहां उन्होंने विशेषज्ञों से बातचीत की और मानव मस्तिष्क की संरचना, मस्तिष्क की कोशिकाओं तथा उनके बीच मौजूद संबंधों को समझने के लिए किए जा रहे अनुसंधान के बारे में जानकारी हासिल की।
आईआईटी मद्रास में वर्ष 2022 में शुरू किए गए इस केंद्र का उद्देश्य मानव मस्तिष्क की संरचना का विस्तृत अध्ययन करना और मस्तिष्क की कोशिकाओं तथा उनके आपसी संपर्कों का मानचित्र तैयार करने से जुड़े शोध को प्रोत्साहित करना है।
यह केंद्र आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से मस्तिष्क से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में काम कर रहा है। इस तरह के अनुसंधान से मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने के प्रयासों को बढ़ावा मिलता है।
चेन्नई मेट्रो परियोजना भी दौरे का हिस्सा
प्रधानमंत्री के चेन्नई दौरे के दौरान मेट्रो रेल परियोजना से जुड़ी गतिविधियां भी चर्चा में रहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण से संबंधित परियोजना में लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत वाली येलो लाइन को महत्वपूर्ण बताया गया है।
मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम माना जाता है। हालांकि, परियोजना से संबंधित उद्घाटन और संचालन की सटीक स्थिति की अलग से पुष्टि आवश्यक है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे में धार्मिक आस्था, वैज्ञानिक अनुसंधान और शहरी परिवहन जैसे अलग-अलग विषय शामिल रहे। इससे चेन्नई में आध्यात्मिक विरासत के साथ-साथ तकनीकी शोध और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े प्रयासों को भी प्रमुखता मिली।






