वशिंगटन, 12 अक्टबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को लेकर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने यूक्रेन पर रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले हमले रोकने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि यूक्रेन ने ऐसे हमले जारी रखे, तो उसे मिलने वाली सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा क्षेत्र में तत्काल संघर्षविराम की घोषणा करते हुए कहा कि दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने दोनों देशों से अपील की कि वे इस व्यवस्था का उल्लंघन न करें। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि कीव अभी इस समझौते की शर्तों और विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहा है।
खुफिया जानकारी और हथियार खरीद व्यवस्था पर भी दबाव
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी यूरोपीय देशों और यूक्रेन की राजधानी कीव के साथ संपर्क में हैं। उनका प्रयास है कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोक दे। इसके लिए अमेरिका ने खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगाने और यूक्रेन को अमेरिकी हथियार खरीदने में मदद देने वाली प्राथमिकता व्यवस्था ‘पीयूआरएल’ (PURL) को बंद करने की चेतावनी भी दी है।
इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों को रोकने पर जोर दे रहा है। हालांकि, प्रस्तावित संघर्षविराम की शर्तों और उसके व्यावहारिक स्वरूप को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
जेलेंस्की के नेतृत्व पर ट्रंप ने उठाए सवाल
इससे एक दिन पहले ट्रंप ने सुझाव दिया था कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए, जो रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता कर सके। उन्होंने जेलेंस्की की बातचीत की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूक्रेन के नेतृत्व को समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जेलेंस्की को विशेष रूप से रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने से बचने की सलाह दी थी। उनके अनुसार, इन प्रतिष्ठानों पर हमलों से वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और इसका नुकसान अमेरिकी किसानों तथा पशुपालकों को भी उठाना पड़ सकता है।
रूस से समझौते की जरूरत पर ट्रंप का जोर
ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो रूस के साथ बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकाल सके। उन्होंने जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि कई संभावित समझौतों के अवसर होने के बावजूद उन्होंने आगे बढ़कर समझौता नहीं किया।
ट्रंप के इन बयानों और अमेरिकी प्रशासन की कथित चेतावनियों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ऊर्जा क्षेत्र में संघर्षविराम को लेकर दोनों पक्षों के बीच स्पष्ट सहमति बनती है या नहीं और इससे युद्ध की दिशा पर क्या असर पड़ता है।






