कुरुक्षेत्र, 12 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यालय में 48 कोस तीर्थ विकास निगरानी समिति की बैठक चेयरमैन रविन्द्र सांगवान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 48 कोस कुरुक्षेत्र क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीर्थ स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विकास कार्यों की निगरानी से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर तीर्थों के विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
चेयरमैन रविन्द्र सांगवान ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्राथमिकता है कि 48 कोस कुरुक्षेत्र के सभी तीर्थों का समग्र विकास हो और इस पावन धर्मक्षेत्र को विश्वभर में विशिष्ट पहचान मिले। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में तीर्थ स्थलों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं विकास सुनिश्चित करना समिति का संकल्प है। कुरुक्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और विकास कार्यों की नियमित निगरानी आवश्यक है। 48 कोस कुरुक्षेत्र का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां स्थित तीर्थों का व्यवस्थित विकास होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र की धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर पहचान और अधिक मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि 48 कोस कुरुक्षेत्र के तीर्थों का विकास केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। समिति का प्रयास रहेगा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप तीर्थों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और विकास को गति मिले तथा कुरुक्षेत्र की गौरवशाली पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त हो। विकास कार्यों में तीर्थों की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
बैठक में तीर्थ निगरानी समिति के सदस्य सुशील राणा, रामधारी शर्मा और बीबी मित्तल भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मुख्य वास्तुकार, हरियाणा के प्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़ें), कुरुक्षेत्र के कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज विभाग, कुरुक्षेत्र के कार्यकारी अभियंता तथा लोक निर्माण विभाग के विद्युत मंडल, अंबाला के कार्यकारी अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। इसके साथ-साथ 48 कोस क्षेत्र में आने वाले कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद और पानीपत जिलों से संबंधित लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज विभाग एवं हरियाणा पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी सहभागिता की है।






