कुरुक्षेत्र, 15 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि महानिदेशक आयुष हरियाणा के दिशा-निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भद्रकाली मंदिर परिसर तथा जिला कुरुक्षेत्र के विभिन्न आयुष संस्थानों में वृद्धजनों के स्वास्थ्य की देखभाल एवं उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विशेष वृद्धजन स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। भद्रकाली मंदिर शिविर के दौरान कुल 115 वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श, दवाइयां एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान उपस्थित चिकित्सकों द्वारा बुजुर्गों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित योग एवं प्राणायाम करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। इस शिविर में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेनका, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट सिम्मी, आयुष सहायक रोहताश, पंकज एवं बेबी रानी ने अपनी सेवाएं दीं।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले के सभी आयुष आरोग्य मंदिरों में प्रत्येक गुरुवार को नियमित रूप से साप्ताहिक वृद्ध सेवा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर के समीप ही बेहतर आयुष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इन शिविरों में 150 से अधिक बुजुर्गों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इसी के साथ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले की विभिन्न व्यायामशालाओं में योग सत्रों का आयोजन किया गया। व्यायामशाला चरूनी जट्टान में आयोजित योग सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शीशपाल सरपंच उपस्थित रहे। सत्र का संचालन योग सहायक काजल द्वारा किया गया, जिसमें 15 योग साधकों ने भाग लिया। व्यायामशाला मेहरा में भी योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि सरपंच सुरमुख रहे। इस सत्र में 13 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सत्र का संचालन आयुष योग सहायक प्रदीप एवं कमल द्वारा किया गया।

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा, वृद्धजनों की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर उचित उपचार और सही देखभाल सुनिश्चित करना आयुष विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आयुष विभाग का निरंतर प्रयास है कि वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर के निकट ही सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, जिससे वे एक स्वस्थ, सुखद और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।






