कुरुक्षेत्र, 15 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जल संचय जन भागीदारी के तहत कैच द रेन अभियान 1 जून 2026 से 31 मई 2027 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण, नवीनीकरण एवं पुनरुद्धार को बढ़ावा देना है। अभियान के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने और उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
एडीसी एवं जिप सीईओ पंकज सेतिया ने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए कुरुक्षेत्र जिले के सभी संबंधित विभागों को अपने अधीन आने वाले सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, संस्थानों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर वैज्ञानिक पद्धति से वर्षा जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विभागों को अपने क्षेत्र में मौजूद जल संरक्षण संरचनाओं की पहचान कर उनके निर्माण, मरम्मत, नवीनीकरण और पुनरुद्धार के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। जल शक्ति मंत्रालय ने इस अभियान के अंतर्गत देशभर में 2 करोड़ कृत्रिम भूजल पुनर्भरण एवं जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए जिलों के मासिक लक्ष्य भी तय किए गए हैं। ऐसे में सभी विभागों को अपनी गतिविधियों और लक्ष्यों की पहचान करते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करना होगा।
उन्होंने कहा कि जारी निर्देशों के अनुसार विभागों को अभियान के तहत किए गए कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट तैयार करनी होगी। जल संरक्षण से संबंधित कार्यों की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाली जियो-टैग तस्वीरें, उपलब्धियों का विवरण तथा अन्य आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी ताकि कार्यों की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। सभी विभागाध्यक्षों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अभियान के अंतर्गत किए जाने वाले कार्य वैज्ञानिक मानकों, स्थानीय भूजल परिस्थितियों और तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुरूप हों। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अभियान में सरकारी विभागों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों, निजी संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। जन सहयोग से वर्षा जल को संरक्षित करने, भूजल स्तर में सुधार और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने के प्रयासों को गति दी जा सकती है। जिला स्तर पर अभियान की प्रभावी निगरानी एवं समीक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी कार्य योजना और प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय पर प्रस्तुत करें तथा जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।






