चंडीगढ़, 16 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। बारिश के बाद मौसम सुहावना होने के साथ ही गर्मी से भी राहत मिली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को पंजाब के तीन जिलों पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, चंडीगढ़ में आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है।
बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में 3.8 डिग्री की गिरावट
चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को बारिश और ओलावृष्टि के प्रभाव से पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया। बठिंडा और चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान में आई इस गिरावट से प्रदेश के मौसम में बदलाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। दिन के समय गर्मी का असर कम हुआ है, जबकि सुबह और शाम को मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। हालांकि, तापमान में यह गिरावट पूरे प्रदेश में एक समान नहीं रही है और अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदला मौसम
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे वायुमंडल में सक्रिय मौसमी प्रणालियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पंजाब और चंडीगढ़ के ऊपर लगभग 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसका प्रभाव विशेष रूप से उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में देखा जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, दक्षिणी हरियाणा और इससे सटे इलाकों में लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुमंडल के निचले स्तर में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बादल बनने, बारिश होने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में अक्सर बदलाव आता है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और उसका क्षेत्रीय विस्तार इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित मौसमी प्रणाली कितनी सक्रिय रहती है और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियां कैसी हैं।
बिजली की मांग में आई कमी
बारिश के बाद तापमान में गिरावट का असर प्रदेश की बिजली की मांग पर भी देखने को मिला है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में बिजली की मांग 6,717 मेगावाट दर्ज की गई। प्रदेश ने अपने निर्धारित बिजली कोटे की तुलना में 90 मेगावाट कम बिजली का उपयोग किया।
वहीं, राज्य में कुल बिजली उत्पादन 4,191 मेगावाट दर्ज किया गया। तापमान कम होने से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर तथा अन्य शीतलन उपकरणों के इस्तेमाल की जरूरत घट सकती है, जिससे बिजली की मांग पर दबाव कम होता है। हालांकि, बिजली की वास्तविक मांग पर मौसम के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों, कृषि क्षेत्र की जरूरतों और अन्य उपभोक्ताओं की खपत का भी प्रभाव पड़ता है।
किसानों और आम लोगों के लिए मौसम में बदलाव अहम
बारिश और तापमान में गिरावट से आम लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं, किसानों के लिए बारिश की मात्रा और उसका समय महत्वपूर्ण है। हल्की बारिश कुछ परिस्थितियों में फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि या तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश से खड़ी फसलों, बागवानी और अन्य कृषि गतिविधियों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के ताजा मौसम बुलेटिन पर नजर रखें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर, पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में गिरावट से मौसम का मिजाज बदल गया है। पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश की संभावना के बीच अगले कुछ समय तक उत्तरी पंजाब के मौसम पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव महत्वपूर्ण रह सकता है।






