नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026 (हर्षलीन सिंह): भारतीय पहलवान विश्वजीत मोरे ने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। उन्होंने 55 किलोग्राम भार वर्ग के ग्रीको-रोमन मुकाबले में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बन गए हैं।
मोरे के पास फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धि को और खास बनाने का मौका था, लेकिन खिताबी मुकाबले में उन्हें जॉर्जिया के पहलवान कोबा कारुमिजे के खिलाफ 12-13 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। बेहद रोमांचक रहे इस मुकाबले में भारतीय पहलवान ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन वह एक अंक से स्वर्ण पदक चूक गए।
विश्वजीत मोरे ने प्रतियोगिता में अपनी शुरुआत मेक्सिको के इसहाक मारिन माता को 10-8 से हराकर की। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में ईरान के आरमिन शमसीपुर को 8-1 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में भी मोरे का दमदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने रूस के मलिक गिगिएव को 7-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए पदक पक्का कर लिया। फाइनल तक पहुंचने के दौरान उन्होंने लगातार मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर अपनी प्रतिभा और संघर्ष क्षमता का परिचय दिया।
गौरतलब है कि विश्वजीत मोरे इससे पहले अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक भी जीत चुके हैं। अब रजत पदक के साथ उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। उनका यह प्रदर्शन भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पहलवानों की संभावनाओं को नई मजबूती मिली है।






