अदन, यमन, 16 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): यमन में संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाते हुए पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले के समय प्रधानमंत्री मोहसिन अल-जिंदानी और सरकार के कई मंत्री भवन के अंदर मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार, सभी सुरक्षित हैं। अदन में हुए धमाकों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक, उत्तरी यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अदन स्थित सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, यमन सरकार ने बताया कि हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मआशिक पैलेस के पास पहाड़ी क्षेत्र और सुरक्षा द्वार के नजदीक कई धमाके हुए। विस्फोटों के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
सरकार ने नेताओं के सुरक्षित होने की पुष्टि की
राष्ट्रपति भवन के आसपास हुआ यह हमला क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी घटना माना जा रहा है। यमन सरकार के कई वरिष्ठ नेता देश से बाहर रह रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की कि अदन में मौजूद सरकारी नेतृत्व सुरक्षित है। अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की।
सऊदी अरब पर भी हमलों की कोशिश
हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के दुश्मन से जुड़े एक सैन्य अभियान केंद्र को निशाना बनाया। यह घटनाक्रम सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल संबंधी बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की श्रृंखला के बीच सामने आया है।
गुरुवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि मदीना प्रांत के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को रोक दिया गया। सऊदी अधिकारियों ने पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को नष्ट करने और खमीस मुशैत में दूसरे ड्रोन को रोकने की भी जानकारी दी।
उधर, उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के अनुसार, जेद्दा हवाई अड्डे पर कई उड़ानें रद्द हुईं या देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और हवाई यातायात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
ताइज़ में जरूरी वस्तुओं की भारी कमी
यमन में चार साल के अपेक्षाकृत शांत दौर के बाद संघर्ष दोबारा तेज होने से मानवीय संकट गंभीर होता जा रहा है। हूती विद्रोहियों की घेराबंदी झेल रहे ताइज़ शहर में लोगों को आटा, रसोई गैस और ईंधन जैसी बुनियादी वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध सामान की कीमतें भी काफी बढ़ गई हैं।
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि ताइज़ में सहायता पर निर्भर छह लाख से अधिक लोगों तक राहत पहुंचाना उसके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के अनुसार, शहर में संघर्ष के कारण जान-माल का नुकसान लगातार बढ़ रहा है।
यमन में बढ़ती हिंसा और सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। संघर्ष के और तेज होने से आम नागरिकों की सुरक्षा तथा राहत सहायता पहुंचाने की चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।






