चंडीगढ़, 27 अगस्त,2026 (राजेश कुमार): पंजाब सरकार पर लंबित महंगाई भत्ता जारी करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी मांग को लेकर करीब चार लाख सरकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में पेंशनर्स आज महाहड़ताल पर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा कर्मचारी संगठनों की संयुक्त एक्शन कमेटी के नेताओं को जालंधर स्थित पीएपी कॉम्प्लेक्स में बातचीत के लिए बुलाए जाने के बावजूद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल का फैसला वापस नहीं लिया है।
पहले मुख्यमंत्री और कर्मचारी नेताओं की बैठक चंडीगढ़ के पंजाब भवन में प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री की व्यस्तता के चलते बैठक का स्थान बदलकर जालंधर कर दिया गया है।
सरकारी संस्थानों में कामकाज रहेगा प्रभावित
कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान आम लोगों को परेशान करने या सड़कों को जाम करने का कोई कार्यक्रम नहीं है। राखी के त्योहार को देखते हुए पीआरटीसी बसें सामान्य रूप से चलती रहेंगी और निजी क्षेत्र के कामकाज पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, प्रदेश के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहेगा। स्वास्थ्य संस्थानों और अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।
कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर सुबह करीब 9 बजे से सरकारी कार्यालयों के बाहर धरना देंगे। चंडीगढ़ में मुख्य सचिवालय और सेक्टर-17 में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के जुटने की संभावना है।
सरकार की ओर से स्थिति को संभालने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी संगठनों के साथ प्रस्तावित बातचीत की तैयारी में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार करीब 15 हजार करोड़ रुपये के लंबित डी.ए.पर 6 प्रतिशत ब्याज देने और मूल राशि के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मांगने का प्रस्ताव रख सकती है।
हालांकि, कर्मचारी संगठनों के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना कम बताई जा रही है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार अन्य योजनाओं और सब्सिडी पर खर्च कर रही है, लेकिन कर्मचारियों के बकाये का भुगतान करते समय वित्तीय संकट का हवाला दिया जा रहा है।
समाधान नहीं निकला तो आंदोलन होगा तेज
पीएसएमएसयू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और कर्मचारी नेता सुखचैन सिंह खैरा ने चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में यदि कोई ठोस समाधान नहीं निकलता तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पीएसआईईसी स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव तारा सिंह ने भी कर्मचारियों से बड़ी संख्या में हड़ताल में शामिल होने की अपील की है। वहीं पंजाब सरकार ड्राइवर एवं टेक्निकल एम्प्लाइज यूनियन तथा पंजाब रोडवेज की संयुक्त समन्वय समिति ने भी 27 अगस्त की हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य लंबित डी.ए. का भुगतान करवाना और कर्मचारियों व पेंशनर्स के अन्य लंबित मुद्दों का समाधान कराना है। यदि सरकार के साथ बातचीत से सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक हो सकता है।






