कुरुक्षेत्र, 29 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डा. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि देश के गौरव हॉकी के जादूगर पद्म भूषण मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को पूरे राष्ट्रीय में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस महान व्यक्तित्व के जीवन से युवा खिलाडिय़ों को प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके आदर्शों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।
डीआईपीआरओ डा. नरेन्द्र सिंह शनिवार को भारतीय खेल प्राधिकरण की शाखा कुरुक्षेत्र की तरफ से मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मानने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले डीआईपीआरओ डा. नरेन्द्र सिंह, हॉकी कोच नरेन्द्र ठाकुर, हॉकी कोच साहिल, साईकिलिंग कोच कोमल, समाजसेवी विनोद गर्ग, बलराज ग्रेवाल सहित खिलाडिय़ों व साई के कर्मचारियों ने मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। इसके उपरांत रस्साकसी और वॉलीबॉल मैच का शुभारंभ किया गया। इस दौरान साई की तरफ से वॉलीबाल और हॉकी के खिलाडिय़ों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

डीआईपीआरओ डा. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1985 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने भारत को ओलंपिक में 1928, 1932 और 1936 में लगातार तीन बार स्वर्ण पदक दिलवाए, उनके अद्भुत खेल को देखकर हिटलर तक ने उन्हें जर्मन सेना में उच्च पद का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने देश प्रेम के कारण ठुकरा दिया था। इस खिलाड़ी ने हॉकी को एक नया मुकाम दिया। इस महान व्यक्तित्व के आदर्शों को सभी खिलाडिय़ों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए और पूरी मेहनत और लग्न के साथ अभ्यास कर देश को मेडल जीताने का काम करना चाहिए।
हॉकी कोच साहिल ने मेहमानों का स्वागत करते हुए हॉकी के जादुगर मेजर ध्यानचंद के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि साई के सहायक निदेशक विजय मनचंदा के दिशा निर्देशानुसार 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया गया है। सभी खिलाडिय़ों को लड्डू बांटे गए और फ्रेंडली मैच में खिलाडिय़ों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इस मौके पर अमित कुमार, अजैब सिंह, वेदपाल,मांगा, महिपाल आदि उपस्थित थे।






