पंचकूला 29 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एनआईए), पंचकूला में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत संस्कृत दिवस-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने दीप प्रज्वलित कर और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ की।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तहत संचालित संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने आयुर्वेद के मूल ग्रंथों की भाषा संस्कृत के संरक्षण का संकल्प लिया।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की नींव है। संस्कृत के बिना आयुर्वेद का मूल स्वरूप अधूरा है। इसलिए संस्कृत में समाहित आयुर्वेद के ज्ञान-विज्ञान के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के अनेक मूल और प्रामाणिक ग्रंथ संस्कृत भाषा में रचे गए हैं। ऐसे में आयुर्वेद के सिद्धांतों, उपचार पद्धतियों और भारतीय ज्ञान परंपरा की गहराई को समझने के लिए संस्कृत का अध्ययन महत्वपूर्ण है।
प्रोफेसर गंधर्व ने कहा कि संस्कृत में केवल साहित्य, धर्म और अध्यात्म ही नहीं, बल्कि मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समदृष्टि का संदेश भी निहित है। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के माध्यम से सभी के सुख और कल्याण की कामना की गई है। वहीं ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने संस्कृत दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, साहित्य, दर्शन तथा प्राचीन ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने के प्रयास करने का आह्वान किया।
असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमोहन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद के मूल ग्रंथों और भारतीय ज्ञान परंपरा के आधारभूत माध्यम के रूप में संस्कृत भाषा के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही इसके अध्ययन, संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पमनानी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकांक्षा राणा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुराग कुशल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाणा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर महेश एम., मेडिकल ऑफिसर शींशा पी. तथा बीएएमएस के विद्यार्थी मौजूद रहे।






