नई दिल्ली, 02 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): गूगल ने अंतरिक्ष में ए.आई. कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। कंपनी ने प्लैनेट लैब्स और स्पेस एक्स के साथ मिलकर एक प्रोटोटाइप सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह मिशन गूगल के प्रोजेक्ट सनकैचर का हिस्सा है।
सैटेलाइट को स्पेस एक्स के ट्रांसपोर्टर-18 राइडशेयर मिशन के तहत फाल्कन 9 रॉकेट से कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च किया गया। इसमें गूगल की ए.आई. के लिए विकसित टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (TPUs) लगाई गई हैं।
अंतरिक्ष में ए.आई. चिप्स की होगी टेस्टिंग
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ए.आई चिप्स अंतरिक्ष के रेडिएशन, तापमान में बदलाव और अन्य कठिन परिस्थितियों में किस तरह काम करती हैं। गूगल के मुताबिक, सैटेलाइट से संपर्क स्थापित हो चुका है और यह अपेक्षित रूप से काम कर रहा है।
प्रोजेक्ट सनकैचर के तहत गूगल यह अध्ययन कर रहा है कि भविष्य में अंतरिक्ष में सोलर पावर का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर ए.आई.कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जा सकता है या नहीं। कंपनी का मानना है कि अंतरिक्ष में लगातार उपलब्ध सूर्य की रोशनी सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोगी हो सकती है।
गूगल के सी.ई.ओ. सुंदर पिचाई ने लॉन्च के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे टीम के शुरुआती विचार से आगे बढ़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। आने वाले समय में सैटेलाइट से मिलने वाला इन-ऑर्बिट डेटा इस तकनीक की व्यवहारिकता समझने में अहम भूमिका निभाएगा।





