नागोया, 5 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): जापान में आयोजित आइची-नागोया एशियाई खेलों का रविवार को भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। रंग-बिरंगी रोशनी, संगीत और जापानी संस्कृति व आतिथ्य की झलक ने समापन समारोह को खास बना दिया। दो सप्ताह से अधिक समय तक चले इन खेलों में एशिया के 45 देशों के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया।
मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में करीब डेढ़ घंटे तक चले समापन समारोह की थीम ‘वन एशिया’ रखी गई थी। समारोह में खेलों के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा को भारतीय दल का ध्वजवाहक बनाया गया। नीरू ने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया।
350 से अधिक रिकॉर्ड बने
आइची-नागोया एशियाई खेलों के दौरान खिलाड़ियों ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। प्रतियोगिताओं में 350 से अधिक रिकॉर्ड बने, जिनमें कम से कम 50 विश्व रिकॉर्ड भी शामिल हैं। विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन ने इन एशियाई खेलों को यादगार बना दिया।
आधिकारिक रूप से हुआ खेलों का समापन
एशियाई ओलंपिक परिषद (ओ.सी.ए.) के प्रमुख शेख जुआन बिन अल थानी ने 19 सितंबर से शुरू हुए खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। इस अवसर पर जापान के प्रिंस अकिशिनो और प्रिंसेस कीको भी मौजूद रहे। समापन समारोह में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक शामिल हुए।
2030 एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा को
समारोह के दौरान वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी कतर की राजधानी दोहा को सौंपे जाने की औपचारिक प्रक्रिया भी पूरी हुई। खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई, जिसके साथ अगले एशियाई खेलों की मेजबानी का संदेश दिया गया।
भारत चौथे स्थान पर
भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में कुल 85 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक हासिल किए। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा, जबकि चीन, जापान और कोरिया उससे आगे रहे।
भारतीय दल के प्रदर्शन में निशानेबाजी सहित कई खेलों में खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।





