यूक्रेन , 7 अक्टूबर 2026 (हर्षलीन सिंह): रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ऑस्ट्रेलिया की सैन्य और आर्थिक भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से वह यूक्रेन को करीब 1.9 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की सहायता उपलब्ध करा चुकी है। इसमें 1.6 अरब डॉलर से अधिक की सैन्य सहायता शामिल है, जिससे यूक्रेनी सेना की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिली है।
सितंबर में भी दिया गया नया सहायता पैकेज
ऑस्ट्रेलिया ने सितंबर में यूक्रेन के लिए करीब 60 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के अतिरिक्त सहायता पैकेज की घोषणा की थी। इसमें लगभग 45 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता शामिल थी। यह सहायता ऐसे समय में दी गई है जब यूक्रेन को हथियारों, बख्तरबंद वाहनों और लॉजिस्टिक संसाधनों की लगातार जरूरत बनी हुई है।
बख्तरबंद वाहनों और टैंकों की बड़ी खेप
ऑस्ट्रेलिया अब तक यूक्रेन को बड़ी संख्या में सैन्य वाहन और हथियार उपलब्ध करा चुका है। इनमें करीब 120 बुशमास्टर संरक्षित वाहन, 56 M113 बख्तरबंद वाहन, 28 मध्यम श्रेणी के ट्रक और 49 M1A1 Abrams टैंक शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए Abrams टैंकों का कुल मूल्य करीब 245 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बताया गया है। इन टैंकों को यूक्रेन की बख्तरबंद युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण सैन्य सहायता माना जाता है।
अब ड्राइवरलेस ‘ब्लेडहॉल’ वाहन की तैयारी
ऑस्ट्रेलिया की सैन्य सहायता अब पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर आधुनिक मानवरहित लॉजिस्टिक तकनीक तक पहुंच रही है। सरकार यूक्रेन को ‘ब्लेडहॉल’ नामक ड्राइवरलेस वाहन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
यह मानवरहित वाहन युद्ध क्षेत्र में सैनिकों को जोखिम में डाले बिना भारी सामान और सैन्य सामग्री पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अनुमानित क्षमता करीब 10 टन तक सामग्री या 20 फुट के कंटेनर को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की बताई गई है। ऐसी तकनीक विशेष रूप से उन इलाकों में उपयोगी हो सकती है जहां पारंपरिक सैन्य लॉजिस्टिक वाहनों के लिए जाना बेहद जोखिमपूर्ण है।
ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की भी युद्ध में भागीदारी
रूस-यूक्रेन युद्ध में ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी केवल सरकारी सैन्य सहायता तक सीमित नहीं रही है। कुछ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने यूक्रेनी सेना के साथ स्वयंसेवक के तौर पर युद्ध में हिस्सा लिया। इस तरह आर्थिक सहायता, सैन्य उपकरणों, बख्तरबंद वाहनों और अब मानवरहित लॉजिस्टिक तकनीक के जरिए ऑस्ट्रेलिया यूक्रेन के प्रमुख पश्चिमी समर्थक देशों में अपनी भूमिका लगातार बढ़ा रहा है।





