कुरुक्षेत्र, 8 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि हरियाणा की बेटियां आज शिक्षा, खेल, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। छात्राओं के आत्मविश्वास, साहस और सामर्थ्य को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे प्रयास प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी वीरवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित वीरांगना युवती सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर के कार्यक्रम का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि ज्ञान, शील और एकता के संदेश के साथ आयोजित सम्मेलनों में युवतियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने, जिम्मेदारी निभाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आज की बेटियां केवल अवसर की प्रतीक्षा नहीं कर रहीं, बल्कि अपनी क्षमता के बल पर नए अवसरों का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना वही है जो परिस्थितियों से हार न माने, अपने अधिकारों को जाने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए निर्णय लेने का साहस रखे। भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति का प्रतीक माना गया है। मां दुर्गा, माता सीता और द्रौपदी जैसी प्रेरणादायक कथाएं बेटियों को साहस, धैर्य, आत्मसम्मान और संकल्प की सीख देती हैं।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती ने रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरता, अहिल्याबाई होलकर जैसा सुशासन और कल्पना चावला जैसी महान उपलब्धियों से प्रेरणा ली है। आज प्रदेश की बेटियां भी आसमान की ऊंचाइयों को छू रही हैं। बेटियों के लिए आसमान कोई सीमा नहीं, बल्कि उनकी उड़ान की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कम आय वाले परिवारों की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने, फीस में सहायता देने तथा घर के आसपास शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण और सामान्य परिवारों की बेटियों को आगे बढऩे का अवसर मिल रहा है।

उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि आज हरियाणा की बेटियां कोडिंग से लेकर प्रयोगशालाओं तक, खेल के मैदान से लेकर सेना की वर्दी तक अपनी पहचान बना रही हैं। ड्रोन दीदी जैसी पहल महिलाओं को आधुनिक तकनीक और कृषि से जोडक़र आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं से बेटियां और महिलाएं रोजगार देने वाली शक्ति के रूप में उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है। हरियाणा की मातृशक्ति उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों की बेटियां के लिए कॉलेज की शिक्षा निशुल्क है और 3 लाख रुपए तक आय वाले परिवारों की बेटियों की आधी फीस प्रदेश सरकार वहन कर रही है।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि बेटियों को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि निर्णय लेने, नेतृत्व करने और अपना भविष्य स्वयं तय करने के लिए शिक्षित एवं सक्षम बनाया जाए। शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर हरियाणा की बेटियां नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस मौके पर मीडिया कोर्डिनेटर तुषार सैनी, जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, नप पूर्व चेयरपर्सन उमा सुधा, वंदना गौरी, अखिल भारतीय तरुणी प्रमुख विजया, आईटीवी फाउंडेशन अध्यक्ष डा. ऐश्वर्या पंडित, श्रेया वशिष्ठ, डा. हेतल, रजवंत कौर, जिला प्रमुख डा. प्रशांत शर्मा, डा. आनंद, शुभम शर्मा, डा. निधी माथुर सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।





