कुरुक्षेत्र, 8 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला कुरुक्षेत्र एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में हरियाणा का पहला जिला है, जिसने सुरक्षित स्टेटस हासिल किया है और इसे लगातार बनाए रखा है। यह जिले के लिए गर्व की बात है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग तथा हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने इस उपलब्धि पर सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह, जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण अधिकारी डा. रमेश सभरवाल और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी। इसके साथ ही हिमांशु भार्गव, विकास दहिया और मनीषा रानी को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि यह टीम वर्क का परिणाम है। इस स्टेटस को आगे भी बरकरार रखना है। इसके लिए जागरूकता अभियान को और तेज किया जाए। युवाओं, प्रवासी मजदूरों, ट्रक चालकों और हाई रिस्क ग्रुप में जागरूकता फैलाई जाए। स्कूलों और कॉलेजों में रेड रिबन क्लब के माध्यम से एड्स के प्रति भ्रांतियों को दूर किया जाए और जांच को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो और उन्हें सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं और मुफ्त उपचार की सुविधा मिले। उन्होंने आईईसी गतिविधियों को बढ़ाने और लोगों को टोल फ्री नंबर 1097 के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित स्टेटस किसी भी जिले को एचआईवी यानी एड्स के नियंत्रण के लिए निर्धारित तीनों लक्ष्यों को 95-95-95 प्रतिशत प्राप्त करने के बाद मिलता है और उसे बनाए रखा है। इसमें 95 प्रतिशत लोग अपनी एचआईवी स्थिति के बारे में जानते हैं, 95 प्रतिशत जिनकी पहचान हो चुकी है और वे एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी) पर है तीसरा 95 प्रतिशत जो एआरटी पर है, उनका वायरल लोड सप्रेस्ड (नियंत्रित) है। कुरुक्षेत्र जिला इस मानक को पूरा करने वाला हरियाणा का पहला जिला बन गया है।





