चंडीगढ़, 12 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में अपना पदभार संभाल लिया। इस अवसर पर उन्होंने पंजाब की राजनीति में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता देने, स्वच्छ राजनीति अपनाने और पार्टी को सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
पदभार ग्रहण समारोह में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। पार्टी के कई प्रमुख नेताओं की एक साथ उपस्थिति को संगठनात्मक समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंजाब के वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात
पदभार संभालने के बाद परगट सिंह ने कहा कि पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जिसमें लोगों की समस्याओं और राज्य की बेहतरी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मौजूदा राजनीतिक माहौल की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकता हुआ दिखाई देता है।
अपने संबोधन में उन्होंने अपने सिद्धांतों के अनुरूप राजनीति करने की बात भी दोहराई। उनके संदेश से संकेत मिला कि वह विरोधियों की राजनीतिक रणनीति के प्रभाव में आने के बजाय अपनी नीतियों और जनहित के मुद्दों के आधार पर पार्टी की राजनीतिक दिशा तय करना चाहते हैं।
सामूहिक नेतृत्व और पार्टी की मजबूती पर जोर
परगट सिंह ने कांग्रेस में सामूहिक नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पार्टी को व्यक्तिगत राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहिए।
उनके सामने पार्टी की आंतरिक एकता मजबूत करने, वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल स्थापित करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से नेतृत्व और संगठनात्मक कामकाज को लेकर विभिन्न चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे माहौल में नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए अलग-अलग गुटों को साथ लेकर चलना और पार्टी के साझा एजेंडे पर सहमति बनाना महत्वपूर्ण होगा।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब में हुए नतमस्तक
पदभार संभालने से पहले परगट सिंह श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक हुए। उन्होंने पंजाब की चढ़दी कला और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अरदास की।
नए नेतृत्व के सामने अहम चुनौतियां
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय रही।
अब पार्टी के नए नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक तालमेल को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करना और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना होगा।
परगट सिंह के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस अपने संगठन को कितना मजबूत करती है और जनहित के मुद्दों पर अपनी राजनीतिक भूमिका किस तरह निभाती है, इस पर राज्य के राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।






