नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माणों और जर्जर इमारतों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, 6 सितंबर से 10 अक्टूबर तक दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सभी 12 जोनों में कुल 1,046 संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान 282 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि 47 जर्जर इमारतों को गिराया गया।
मुख्यमंत्री ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखा जाए और कार्रवाई में तेजी लाई जाए। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य राजधानी में असुरक्षित इमारतों से होने वाले संभावित हादसों को रोकना है। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को नई सीमापुरी इलाके में ईदगाह फिश मार्केट के पास एक चार मंजिला इमारत ढह गई थी। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने एक असुरक्षित इमारत को ध्वस्त कर दिया। वहीं, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड ने तीन अन्य मकानों को नोटिस जारी किए हैं।
सभी 12 जोनों में की गई कार्रवाई
एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग जोनों में ध्वस्तीकरण अभियान के तहत कार्रवाई इस प्रकार रही: नरेला: 62 संपत्तियां,रोहिणी: 158 संपत्तियां,सिविल लाइंस: 63 संपत्तियां, केशवपुरम: 61 संपत्तियां, सिटी-एसपी जोन: 87 संपत्तियां, करोल बाग: 85 संपत्तियां, शाहदरा दक्षिण: 87 संपत्तिया, शाहदरा उत्तर: 115 संपत्तियां, पश्चिमी जोन: 87 संपत्तियां, नजफगढ़: 45 संपत्तियां, केंद्रीय जोन: 75 संपत्तियां, दक्षिणी जोन: 121 संपत्तियांष।
तीन वर्षों में इमारतें गिरने की 1,133 घटनाएं
दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े भी सामने आए हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच तीन साल की अवधि में इमारतें गिरने की 1,133 घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में कुल 98 लोगों की जान चली गई।
लगातार सामने आ रहे हादसों के मद्देनजर अवैध निर्माणों और जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नगर निगम का यह अभियान राजधानी में इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में कितना प्रभावी साबित होता है।





