कुरुक्षेत्र, 15 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि विभाग के अधिकारियों द्वारा लाडवा एवं शाहाबाद ब्लॉक के विभिन्न गांवों में खेतों का दौरा कर धान की कटाई तथा फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) गतिविधियों की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की तथा पराली प्रबंधन के लिए अपनाए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई।
डीडीए डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहाबाद ब्लॉक में लगभग 70 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो चुकी है, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा चुका है। लाडवा ब्लॉक में लगभग 70 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो चुकी है तथा लगभग 50 प्रतिशत क्षेत्र में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को धान की पराली न जलाने तथा इसके वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के लिए प्रेरित किया। किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, सुपर एसएमएस युक्त कंबाइन हार्वेस्टर तथा अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली का खेत में ही प्रबंधन करने की जानकारी दी गई। इस दौरान पराली को एकत्रित करने और अन्य उपयोगों में लाने के लिए बेलर मशीन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
अधिकारियों ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंचता है तथा मिट्टी की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन मिट्टी में जैविक पदार्थ एवं पोषक तत्वों को बनाए रखने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में सहायक है। विभाग द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ पराली प्रबंधन गतिविधियों की निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि फसल अवशेषों को आग न लगाएं तथा उपलब्ध कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करके इसका उचित प्रबंधन सुनिश्चित करें। पराली न जलाएं, पर्यावरण बचाएं और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर स्वच्छ वातावरण बनाने में सहयोग दें।






