सिडनी, 16 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): ऑस्ट्रेलिया में घरों की आसमान छूती कीमतों और किफायती आवास की कमी के बीच (1946 से 1964 के बीच जन्मे लोग) को बड़े घर बेचकर छोटे मकानों में स्थानांतरित होने के लिए प्रोत्साहित करने की मांग तेज हो रही है। समर्थकों का तर्क है कि इससे बड़े घरों में खाली पड़े कमरों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और युवा परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले लगभग 88 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक अतिरिक्त बेडरूम है, जबकि करीब 60 प्रतिशत के पास दो या उससे अधिक अतिरिक्त कमरे हैं। देशभर में लगभग 1.3 करोड़ बेडरूम खाली होने का अनुमान इस बहस को और प्रमुख बनाता है।
हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों का छोटे घरों में जाना इतना आसान नहीं है। घर बेचने और नया मकान खरीदने पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी, उपयुक्त छोटे घरों की कमी और पेंशन व सेवानिवृत्ति से जुड़ी वित्तीय चिंताएं इसमें बड़ी बाधाएं हैं।
आवास विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार बुजुर्ग मकान मालिकों को कर संबंधी रियायतें दे और छोटे, सुलभ तथा किफायती घरों का निर्माण बढ़ाए। उनका मानना है कि उचित नीतियों के अभाव में युवा परिवारों के लिए घर खरीदना मुश्किल बना रह सकता है और पीढ़ियों के बीच आवासीय असमानता बढ़ सकती है।
मुख्य सवाल यह है कि क्या प्रोत्साहन और वित्तीय राहत के जरिए बड़े घरों का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा, या ऑस्ट्रेलिया का आवास संकट दूर करने के लिए नए घरों की आपूर्ति बढ़ाना अधिक जरूरी होगा?
ऑस्ट्रेलिया में आवास संकट: बुजुर्गों से बड़े घर छोड़ छोटे मकानों में जाने की उठी मांग
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