Friday, August 28, 2026
HomePatialaकुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ सामाजिक भेदभाव नहीं होने दिया...

कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ सामाजिक भेदभाव नहीं होने दिया जाए

पटियाला, 28 अगस्त,2026 (छत्रपाल सिंह): राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के स्पेशल मॉनिटर (लेप्रोसी) डॉ. प्रदीप्ता कुमार नायक ने पटियाला जिले का दौरा कर कुष्ठ रोगियों, इस रोग के कारण दिव्यांग हुए व्यक्तियों तथा मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का जायजा लिया।
डॉ. नायक ने कुष्ठ रोगियों से बातचीत करते हुए पटियाला और राजपुरा स्थित कुष्ठ कॉलोनियों में रह रहे प्रभावित व्यक्तियों की समस्याओं, जरूरतों तथा उन्हें मिल रही सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को सरकारी सेवाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के साथ सामाजिक भेदभाव नहीं होना चाहिए तथा उन्हें सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
इसके उपरांत डॉ. प्रदीप्ता कुमार नायक ने सर्किट हाउस में जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं लेप्रोसी कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा, सामाजिक कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार/आजीविका, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं ओबीसी सहित विभिन्न विभागों द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को प्रदान की जा रही सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं के लाभों के बारे में जानकारी ली।
डॉ. नायक ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिले। उन्होंने विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड की जांच करने तथा आवश्यकता के अनुसार फील्ड वेरिफिकेशन करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें सरकारी सेवाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना तथा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के तहत विभिन्न राज्यों और जिलों में स्थिति का जायजा लिया जा रहा है तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा लेप्रोसी एवं मानसिक स्वास्थ्य को उच्च प्राथमिकता देने के दिए गए आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाया जा रहा है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर ने पटियाला जिले की इस बात के लिए सराहना की कि यहां सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक कुष्ठ रोगी को प्रदान की जा रही पेंशन एवं अन्य योजनाओं का पूरा विवरण एकत्रित किया गया है।
डॉ. प्रदीप्ता नायक ने कहा कि कुष्ठ रोग को सामाजिक कलंक माना जाता है। इसलिए कुष्ठ रोगियों को दवा के साथ-साथ मानसिक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट ने लेप्रोसी एवं मानसिक स्वास्थ्य को उच्च प्राथमिकता का दर्जा देते हुए पूरे देश की तिमाही रिपोर्ट राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को भेजना अनिवार्य किया है।
इस अवसर पर एसडीएम गुरदेव सिंह, सिविल सर्जन डॉ. शैल्ली जेतली, जिला लेप्रोसी अधिकारी डॉ. राजीव, जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह टिवाणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल, जिला मेडिकल कमिश्नर डॉ. जसविंदर सिंह, डिप्टी डीईओ डॉ. रविंदरपाल सिंह एवं मनविंदर कौर भुल्लर, जिला कल्याण अधिकारी कुलविंदर कौर, प्रोजेक्ट अधिकारी रीना रानी, राजिंदरा अस्पताल से डॉ. गुरमनजीत कौर एवं डॉ. शिवानी, जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. बलकार सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments