हरियाणा , 31 अगस्त, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, पंचायत व्यवस्था और उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधायी बदलाव पेश करने जा रही है।
सरकार जल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े छोटे उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से बाहर करने के लिए केंद्र के संशोधित कानून को अपनाने संबंधी प्रस्ताव विधानसभा में रखेगी। इससे मामूली उल्लंघनों के मामलों में आपराधिक कार्रवाई का दायरा कम होने की उम्मीद है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण के मूल प्रावधान लागू रहेंगे।
इसके अलावा हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए रेवाड़ी की कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और गुरुग्राम की मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को कानून की अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 27 से बढ़कर 29 हो जाएगी।
हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत ग्राम सभा की बैठकों का कोरम आसान करने का प्रावधान किया गया है। सामान्य ग्राम सभा की बैठक के लिए कुल सदस्यों का 10 प्रतिशत या 300 सदस्य, जो भी कम हो, उपस्थित होना पर्याप्त होगा। इससे कम उपस्थिति के कारण बैठकों के बार-बार स्थगित होने की समस्या कम करने का प्रयास किया गया है।
वहीं, हरियाणा नगर निकाय संशोधन विधेयक, 2026 के माध्यम से नगर निकायों की जमीन और संपत्तियों पर कब्जे, दावे तथा अधिकारों से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट करने का प्रस्ताव है।
इन विधायी बदलावों के जरिए सरकार कारोबार को आसान बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने, पंचायतों के कामकाज में तेजी लाने और उच्च शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है।






