संगरूर, 3 सितंबर,2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के निदेशक प्रसार शिक्षा के दिशा-निर्देशों के तहत पी.ए.यू.-फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, संगरूर द्वारा घरेलू बगीचों में सर्दी के मौसम की सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए गांव भरूर में विशेष प्रसार गतिविधि आयोजित की गई। इस दौरान गांव में सर्दी के मौसम की सब्जियों से संबंधित 30 प्रदर्शनियां लगाई गईं।
फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, संगरूर के प्रभारी एवं वरिष्ठ प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार गर्ग ने किसानों को सब्जियों के चयन, बुवाई के उचित समय, खादों के संतुलित उपयोग, सिंचाई तथा घरेलू बगीचे की देखभाल संबंधी व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी दी।

डॉ. गर्ग ने कहा कि आज के समय में घरेलू बगीचे का महत्व और भी बढ़ गया है। घर के आसपास थोड़ी-सी जगह का उचित उपयोग करके परिवार की दैनिक जरूरत के अनुसार कई प्रकार की ताजी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू बगीचे के माध्यम से परिवार को लगातार ताजी, स्वच्छ और पौष्टिक सब्जियां मिल सकती हैं तथा बाजार से सब्जियां खरीदने पर होने वाले खर्च में भी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि खेतों में ट्यूबवेलों के आसपास या अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी घरेलू जरूरत के अनुसार सब्जियों की खेती की जा सकती है।
डॉ. गर्ग ने बताया कि सितंबर का महीना सर्दी के मौसम की कई महत्वपूर्ण सब्जियों की बुवाई के लिए उपयुक्त है। उन्होंने किसानों को ब्रोकली, मटर, मूली, गाजर, शलजम तथा विभिन्न पत्तेदार सब्जियों की समय पर बुवाई करने की सलाह दी, ताकि अच्छी पैदावार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार की जा सकें।
इस अवसर पर धान में संतुलित पोषक तत्वों के प्रबंधन और फोक कम करने के लिए पोटाशियम नाइट्रेट के उपयोग संबंधी जानकारी भी किसानों को दी गई। उन्होंने बताया कि धान में फोक कम करने और दानों के भराव में सुधार के लिए गोभ अवस्था में 1.5 प्रतिशत पोटाशियम नाइट्रेट (13:0:45) का पत्तियों पर छिड़काव करने की सिफारिश की जाती है। इसके लिए 3 किलोग्राम पोटाशियम नाइट्रेट को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव किया जा सकता है।
किसान मेलों में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील
इस अवसर पर डॉ. गर्ग ने किसानों को सितंबर 2026 के दौरान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे किसान मेलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से इन मेलों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कृषि की नई तकनीकों, उन्नत किस्मों, कृषि मशीनरी और विश्वविद्यालय की नवीनतम सिफारिशों के बारे में जानकारी प्राप्त करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती के साथ-साथ घरेलू स्तर पर सब्जियों की खेती परिवार की आय, पोषण और प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिशों को अपनाते हुए खेती में नई और वैज्ञानिक तकनीकों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

प्रदर्शनियों के सफल आयोजन में गांव के स. बलविंदर सिंह, स. गुरप्रीत सिंह (सरपंच), स. करनैल सिंह (नंबरदार) और स. गुरदीप सिंह ने विशेष सहयोग दिया। अंत में टीम द्वारा स. गुरदीप सिंह के घरेलू बगीचे और स. बलविंदर सिंह की खरीफ मौसम की मक्का की प्रदर्शनी का दौरा भी किया गया।






