अंबाला /करनाल, 8 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल की डिस्पेंसरी के साथ-साथ अंबाला शहर और करनाल जिले के नागरिक अस्पतालों के लिए नई अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदने की मंजूरी प्रदान की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को समय पर और सटीक जांच की सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें इलाज और डायग्नोसिस के लिए महंगे निजी केंद्रों पर निर्भर न रहना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस फैसले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ के सेक्टर-3 स्थित एमएलए हॉस्टल की डिस्पेंसरी में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक उच्च श्रेणी की अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की जाएगी। इस मशीन की खरीद और इसे पूरी तरह चालू करने पर लगभग 81 लाख रुपये की लागत आएगी। एमएलए हॉस्टल की यह डिस्पेंसरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां प्रदेश के मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक और उनके परिवार के सदस्यों के अलावा चंडीगढ़ में कार्यरत हरियाणा सरकार के हजारों कर्मचारी अपना इलाज करवाते हैं। डिस्पेंसरी में नई तकनीक से लैस मशीन लगने से इन सभी को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जांच की सुविधा अपने परिसर में ही मिल सकेगी।
वीआईपी व्यवस्था के साथ-साथ आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने अंबाला शहर और करनाल जिले के नागरिक अस्पतालों में भी नई अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने की मंजूरी दी है। इन दोनों प्रमुख जिला अस्पतालों में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं और विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं। अक्सर सीमित संसाधनों के कारण सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता था।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अनुसार, जल्द ही इन दोनों स्थानों पर मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी, जिससे स्थानीय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले हजारों लोगों को समय पर जांच की सुविधा मिलेगी और उनका आर्थिक बोझ भी कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर सरकारी अस्पताल को आधुनिक उपकरणों से लैस करके अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।






