पटियाला, 11 सितंबर, 2026 (दीपक दत्ता): डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा है कि जिला पटियाला में खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान मिलावटी, गैर-मानक या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचता पाया गया, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य सुरक्षा संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने त्योहारों के मद्देनज़र फूड सेफ्टी विभाग को अधिक सतर्कता एवं सख्ती के साथ विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम के दौरान मिठाइयों, दूध से बने उत्पादों, खोया, पनीर, तेल, घी तथा अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी जांच सुनिश्चित की जाए।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला भी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना है। उन्होंने फूड सेफ्टी अधिकारियों को निर्देश दिए कि चेकिंग के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ लोगों में खाद्य सुरक्षा संबंधी जागरूकता भी बढ़ाई जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने खाद्य प्रतिष्ठानों से इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल (यूको), अर्थात तलने के बाद बचे तेल, को एकत्रित कर बायोडीजल के उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल को दोबारा खाना बनाने में इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए इसके उचित निपटान और सुरक्षित तरीके से संग्रहण के लिए फूड सेफ्टी विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
डीएचओ डॉ. गुरप्रीत कौर ने डिप्टी कमिश्नर को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार और डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए चेकिंग अभियान लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम के दौरान विशेष रूप से मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में ओएसडी (शहरी विकास) मुकालिन आर, सिविल सर्जन डॉ. शैली जेतली, जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर डॉ. रविंदर कौर, अन्य विभागों के अधिकारी, सामाजिक प्रतिनिधि, फूड इंस्पेक्टरों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनी ईकोइल के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।






