नई दिल्ली, 15 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव नजदीक आते ही कैंपस की राजनीति गर्माने लगी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना चुनाव प्रचार तेज करते हुए विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में छात्रों से सीधा संपर्क बढ़ा दिया है। इस दौरान ABVP ने कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन NSUI पर गलत जानकारी, आरोपों और सोशल मीडिया प्रचार का सहारा लेने के आरोप लगाए हैं।
ABVP का पैनल चुनाव मैदान में
ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश दबास, उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्यराज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पैनल की ओर से 7-3-3-3 वोटिंग क्रम के साथ छात्रों तक पहुंच बनाई जा रही है।
ABVP का कहना है कि उसके उम्मीदवार कॉलेजों में जाकर छात्रों की समस्याएं और उम्मीदें सुन रहे हैं। अभियान में कैंपस से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
NSUI पर गंभीर आरोप
ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI छात्रों के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय आरोपों, गलत जानकारी और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। ABVP ने NSUI में कथित आंतरिक मतभेदों और गुटबाजी का भी जिक्र किया।
हालांकि, ये आरोप ABVP की ओर से लगाए गए हैं और इस रिपोर्ट में NSUI का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
‘अपने आंतरिक मामले नहीं संभाल पा रही NSUI’
ABVP दिल्ली के प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने NSUI पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई संगठन अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तालमेल नहीं बना सकता, तो वह हजारों छात्रों की समस्याओं का प्रभावी प्रतिनिधित्व कैसे करेगा।
उन्होंने कहा कि छात्र दोनों संगठनों के कामकाज और चुनाव प्रचार पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। अंतिम फैसला छात्र मतदाता ही करेंगे।
ABVP ने जीत का दावा किया
ABVP का दावा है कि विश्वविद्यालय में उसके पैनल के समर्थन में बढ़ोतरी हो रही है और 7-3-3-3 वोटिंग क्रम के जरिए पूरा पैनल निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहा है।
DUSU चुनाव से पहले ABVP और NSUI के बीच बढ़ती बयानबाजी ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति को और गरमा दिया है। अब देखना होगा कि छात्र किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं और चुनाव परिणाम किस संगठन के पक्ष में जाते हैं।






