नागोया, 19 सितंबर 2026: (शहीद-ए-आजम ब्यूरो) जापान के एची-नागोया एशियाई खेल 2026 के उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले भारत के ध्वजवाहक में अंतिम समय पर बदलाव किया गया है। दो बार के एशियाई खेल चैंपियन शॉट-पुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत अब भारत के पुरुष ध्वजवाहक होंगे।
आखिर क्यों बदला गया ध्वजवाहक?
भारतीय ओलंपिक संघ ने इस बदलाव का कारण “तकनीकी समस्या” बताया है। रिपोर्टों के मुताबिक, तूर की उद्घाटन समारोह के लिए जरूरी आधिकारिक सेरेमोनियल किट समय पर नागोया नहीं पहुंच सकी। तूर ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि किट नागोया एयरपोर्ट पर दोपहर करीब 3 बजे पहुंचेगी। इसके बाद किट लेकर समारोह स्थल तक समय पर पहुंचना मुश्किल था।
भारतीय एथलेटिक्स टीम इस समय टोक्यो के पास यूनिवर्सिटी ऑफ त्सुकुबा में अनुकूलन शिविर कर रही है। टीम के 21 सितंबर को नागोया पहुंचने की योजना है, जबकि एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं बाद में शुरू होंगी। इसी वजह से एथलीटों के पास उद्घाटन समारोह की किट नहीं थी।
अब पवन सहरावत और मनु भाकर संभालेंगे तिरंगा
पवन सहरावत अब शूटिंग स्टार मनु भाकर के साथ उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए तिरंगा लहराएंगे। मनु भाकर पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
30 वर्षीय पवन सहरावत पिछली एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इस बार वह ध्वजवाहक के रूप में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे।
तूर की एशियाई खेलों में भागीदारी जारी
ध्वजवाहक की जिम्मेदारी से हटाए जाने का मतलब यह नहीं है कि तजिंदरपाल तूर एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं लेंगे। वह शॉट-पुट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और लगातार तीसरा एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।
भारत के लिए एशियाई खेलों की शुरुआत
एची-नागोया एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर 2026 को नागोया के पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में आयोजित हो रहा है। इस बदलाव के बाद पवन सहरावत और मनु भाकर भारतीय दल के साथ तिरंगा लेकर उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।






