पटियाला, 21 सितंबर, 2026 (बलजीत सरना): थापर यूनिवर्सिटी के परिसर में स्थित करीब 200 से 300 वर्ष पुराने डेरे को हटाने की चर्चा को लेकर संगत में रोष पाया जा रहा है। संगत का कहना है कि यह स्थान कई पीढ़ियों से उनकी आस्था का केंद्र रहा है, जहां बाबा श्री चंद जी का गुरुद्वारा साहिब, शिव मंदिर और गुगा माड़ी स्थित हैं।
संगत के अनुसार, उनके बुजुर्ग पिछले तीन पीढ़ियों से इस डेरे में आते रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां माथा टेकने पहुंचते हैं और इस स्थान के साथ लोगों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है।
डेरे के गद्दीनशीन बाबा जी ने बताया कि उनके परिवार की चार पीढ़ियां इस डेरे की सेवा करती रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां पुरानी समाधियां भी बनी हुई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब, गुगा माड़ी तथा शिव मंदिर में माथा टेकने आते हैं। उन्होंने नगर निगम पटियाला और थापर यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपील की कि इस प्राचीन धार्मिक स्थल को हटाया न जाए।
वहीं, डेरे में पहुंचे एक बुजुर्ग ने बताया कि वह स्वयं पिछले 68 वर्षों से यहां आ रहे हैं और उनके परिवार की तीन पीढ़ियों का इस स्थान से जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में संगत यहां श्रद्धा के साथ पहुंचती है। बुजुर्ग ने पंजाब सरकार से भी अपील की कि इस स्थान को हटाने के बजाय इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखा जाए।
इस मामले को लेकर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला फिलहाल उनके ध्यान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जो भी उचित समाधान संभव होगा, उसे किया जाएगा।






