पटियाला, 25 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): पटियाला के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल और एस.एस.पी. हरमनदीप सिंह हांस ने पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत पटियाला जिले में नशा-रोधी गतिविधियों की समीक्षा की। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशा करने वाले लोगों को नशामुक्त करवाकर उनके पुनर्वास के लिए कौशल विकास पर जोर दे रही है। एस.एस.पी. ने कहा कि पटियाला पुलिस मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देशों के अनुसार नशों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए दृढ़ संकल्पित है, लेकिन नशों की मांग को समाप्त करने के लिए समाज का सहयोग बेहद जरूरी है।
जिला प्रशासनिक परिसर में डिप्टी कमिश्नर और एस.एस.पी. की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहरी विकास के ओएसडी मुकिलन आर., ए.डी.सी. (जनरल) अनुप्रिता जौहल, ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के तहत नशा मुक्ति मोर्चा के जिला ग्रामीण अध्यक्ष यादविंदर सिंह गोल्डी संधू, शहरी जिला अध्यक्ष बलजिंदर सिंह सराओ, उपाध्यक्ष पवन कुमार तथा हलका अध्यक्ष प्रितपाल सिंह सहित जिले के सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों के हलका एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर भी उपस्थित रहे। इस दौरान जमीनी स्तर पर नशामुक्ति के लिए काम कर रहे सभी नेताओं से नशों की रोकथाम संबंधी फीडबैक और सुझाव लिए गए।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के दौरान नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम, निगरानी, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया गया है। इसके चलते वार्ड और गांव डिफेंस कमेटियों के सदस्य तथा आम लोग नशों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। इसके बावजूद सिविल प्रशासन द्वारा इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को प्रेरित कर नशामुक्ति केंद्रों तक लाया जाए।
एस.एस.पी. हरमनदीप सिंह हांस ने बताया कि पटियाला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज ही नाभा क्षेत्र में कासो (कार्डनिंग एंड सर्च ऑपरेशन) चलाकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी है। उन्होंने ‘सेफ पंजाब पोर्टल’ पर नशा तस्करों की जानकारी देने पर भी जोर देते हुए कहा कि ऐसी सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है।
यादविंदर सिंह गोल्डी संधू ने बताया कि नशामुक्त हो चुके उन व्यक्तियों की सेवाएं भी ली जा रही हैं, जो अब ‘सूरमे’ बनकर नशामुक्ति के ब्रांड एंबेसडर के रूप में नशों के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।
बैठक के दौरान सभी एस.डी.एम. एवं डी.एस.पी., डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. जसविंदर सिंह तथा नशामुक्ति मोर्चे के नेता—घनौर से जसविंदर सिंह, नाभा से भूपिंदर सिंह, राजपुरा से राजेश कुमार, समाना से राम सिंह और सनौर से गुरमीत सिंह पंजोला भी उपस्थित रहे।






