पटियाला, 25 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह): पटियाला के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने धान की पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम संबंधी तैयारियों का जायजा लेते हुए सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले वर्षों के दौरान पराली जलाने वाले हॉट-स्पॉट गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में पराली न जलाने वाले गांवों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि पराली जलाने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने सभी एस.डी.एम., कृषि एवं सहकारिता विभाग तथा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 3 अप्रैल 2025 को जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पटियाला जिले में किसी भी खेत में पराली जलाने की घटना नहीं होनी चाहिए।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने संबंधित विभागों को वर्ष 2026 के दौरान पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए आपसी तालमेल से प्रभावी कार्रवाई करने और सभी आवश्यक प्रबंध पहले से पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग को गांव स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने और किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनरी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध सी.आर.एम. (क्रॉप अवशेष मैनेजमेंट ) मशीनरी की गांव/क्लस्टर स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसानों को मशीनरी के उपयोग के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने पंचायत विभाग को ग्राम पंचायतों के माध्यम से किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने तथा गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पराली जलाने की घटनाओं की लगातार निगरानी करने और घटना सामने आने पर नियमों एवं निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने पुलिस विभाग और संबंधित एस.डी.एम. को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी रखने तथा संबंधित विभागों के साथ आवश्यक तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एस.डी.एम. और नोडल अधिकारी अपने-अपने गांवों एवं क्षेत्रों में नियमित दौरे करें और पराली जलाने की संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए पहले से ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने कार्यों की दैनिक निगरानी करने और प्रगति की लगातार समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के पराली जलाने के सीजन के दौरान घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से एकजुट होकर काम करें तथा सरकार और माननीय अदालत द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान ए.डी.सी. दमनजीत सिंह मान, एस.पी. राजेश छिब्बड़, सभी एस.डी.एम., पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यकारी इंजीनियर रणतेज शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह, सहकारी समितियों के डिप्टी रजिस्ट्रार संग्राम सिंह संधू, जी.एम. जिला उद्योग केंद्र दीप सिंह गिल, डी.डी.पी.ओ. महिंदरजीत सिंह, जे.ई. रवि कुमार सहित अन्य नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहे।






