नागोया, 30 सितंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): एशियाई खेलों में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका में दो और स्वर्ण पदक जोड़ दिए। भारत की मिश्रित कंपाउंड जोड़ी चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव ने रोमांचक मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत ने 2028 ओलंपिक के लिए कोटा स्थान भी हासिल किया।
फाइनल मुकाबला बेहद करीबी रहा। भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ में 158-157 से मात दी। मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्णायक क्षणों में चिकिता और साहिल ने धैर्य बनाए रखते हुए भारत के नाम स्वर्ण पदक किया। चीन की फांगयाओ एफ वेई और जिनयी लियू ने कांस्य पदक हासिल किया।
फाइनल से पहले भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। भारत ने थाईलैंड को 156-155 के बेहद करीबी अंतर से हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाई थी।
वहीं, भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने भी स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया। भारतीय टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले स्कोर के साथ एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा।
ज्योति सुरेखा वेन्नम इससे पहले भी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। दोनों जीत के साथ भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एक बार फिर एशियाई स्तर पर अपनी मजबूती साबित की और हांगझोउ 2023 में हासिल किए खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।






