तेल अवीव, 01 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को बुधवार को हवाई सफर के दौरान इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसने सुरक्षित लैंडिंग की। रिपोर्टों के अनुसार, विमान की ओर से पहले 7700 इमरजेंसी कोड और इसके बाद 7500 सिग्नल प्रसारित किया गया। 7500 कोड आमतौर पर हाइजैकिंग या विमान में किसी गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति को दर्शाता है। इस सिग्नल के बाद इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों को भी स्थिति की निगरानी के लिए रवाना किया गया।
हालांकि, इजरायली सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक बाद में हाइजैकिंग की संभावना को खारिज कर दिया गया। शुरुआती जानकारी में घटना का कारण विमान के पायलटों के बीच हुआ कथित विवाद बताया गया है। लगभग 180 यात्रियों वाले विमान ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बाद अपना रुख बदला और तबूक की ओर बढ़ गया। कुछ समय के लिए विमान फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर भी नजर नहीं आया, जिससे घटना को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
विमान के सऊदी अरब में उतरने के बाद इजरायली अधिकारियों ने घटना की स्थिति का जायजा लिया। इजरायली सेना के मुताबिक IDF चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल जमीर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटना को लेकर मूल्यांकन बैठक की। इस घटना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज की ओर से भी आपात स्तर पर विचार-विमर्श किए जाने की रिपोर्टें सामने आईं।
इस बीच प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इजरायल के चुनावी माहौल के संदर्भ में संभावित सुरक्षा खतरों को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें संकेत मिले हैं कि देश के विरोधी चुनावों से पहले हमले की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने इजरायली वायु सेना के तेल नोफ बेस पर संबोधन के दौरान कहा कि इजरायल किसी भी ऐसी कोशिश का जवाब देने के लिए तैयार है।
फ्लाईदुबई की इस उड़ान में हुई घटना के सही कारणों और कॉकपिट में हुए विवाद की जांच जारी है। यात्रियों को बाद में एक अन्य विमान के जरिए तेल अवीव भेजा गया।






