नई दिल्ली, 2 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): लद्दाख में भारत की क्षेत्रीय पहचान और आधिकारिक रिकॉर्ड को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने लद्दाख की 28 भौगोलिक जगहों के नाम सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक मानचित्र में दर्ज किए हैं। इनमें पर्वत चोटियां, ग्लेशियर, नदियां और झीलें शामिल हैं। सरकार के अनुसार, इन स्थानों के नाम लद्दाख प्रशासन के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किए गए हैं। आधिकारिक नक्शे में नाम शामिल होने से इन क्षेत्रों की भौगोलिक पहचान और रिकॉर्ड को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
इन 28 स्थानों में अतिशा गिरी, कनिष्क पीक, जोरावर पीक, गुरु रिनपोछे झील और यांगपा नदी जैसे नाम शामिल हैं। इनमें से ‘जोरावर पीक’ का नाम ऐतिहासिक सैन्य कमांडर जनरल जोरावर सिंह से जुड़ा है, जबकि ‘गुरु रिनपोछे’ नाम बौद्ध परंपरा के प्रसिद्ध गुरु से संबंधित है।
यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब चीन समय-समय पर भारतीय क्षेत्रों, खासकर अरुणाचल प्रदेश, की विभिन्न जगहों के नाम बदलकर उन्हें अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने की कोशिश करता रहा है। भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि किसी स्थान का नाम बदलने से उस क्षेत्र पर दूसरे देश का अधिकार स्थापित नहीं हो जाता।
लद्दाख की इन 28 जगहों के नाम भारतीय सरकारी मानचित्र में दर्ज किए जाने को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। नए नामों के जरिए इन भौगोलिक स्थानों की पहचान को भारतीय आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।





