शिमला, 10 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में डाक वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में डाक विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से डाक पहुंचाने की सुविधा का विस्तार कर इसे 110 मार्गों तक ले जाने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में 36 मार्गों पर ड्रोन डिलीवरी सेवा शुरू हो चुकी है। इस तकनीक के विस्तार से दूरदराज के गांवों तक पत्र और पार्सल पहुंचाना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने शुक्रवार को विश्व डाक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय डाक सप्ताह-2026 के शुभारंभ के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डाक विभाग लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और नए तरीकों को अपना रहा है। ड्रोन के जरिए डाक वितरण इसी प्रयास का हिस्सा है।
कठिन पहाड़ी रास्तों का विकल्प बनेगी ड्रोन तकनीक: हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति डाक वितरण के लिए बड़ी चुनौती है। ऊंचे पहाड़ों, संकरी सड़कों और दूर-दराज स्थित गांवों तक पहुंचने में कई बार काफी समय लग जाता है। इसके अलावा खराब मौसम और कठिन रास्ते भी नियमित डाक सेवा को प्रभावित कर सकते हैं।
ऐसे क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक परिवहन के वैकल्पिक साधन के रूप में उपयोगी साबित हो सकती है। इसके माध्यम से सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने और डाक तथा पार्सल की डिलीवरी में लगने वाले समय को घटाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। हालांकि, इस सुविधा की सफलता मौसम, उड़ान सुरक्षा और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगी।
13 अगस्त को शुरू हुई थी ड्रोन डिलीवरी: प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से डाक पहुंचाने की सेवा 13 अगस्त को शुरू की गई थी। शुरुआती चरण में मिली प्रगति के बाद अब विभाग इसके दायरे को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल 36 मार्गों पर यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि आगामी चरण में 110 मार्गों तक इसका विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन इलाकों में डाक सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाना है, जहां पारंपरिक परिवहन माध्यमों से सामान पहुंचाने में अधिक समय और मेहनत लगती है। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ मिल सकता है।
तकनीक आधारित सेवाओं पर डाक विभाग का जोर: मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने बताया कि विभाग अपनी कार्यप्रणाली को अधिक सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। बदलती जरूरतों के अनुरूप डाक सेवाओं में सुधार करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ड्रोन डिलीवरी के साथ विभाग का प्रयास दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में आधुनिक तकनीक का उपयोग विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यहां कई बस्तियां मुख्य सड़कों से दूर स्थित हैं।
9 से 15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डाक सप्ताह: विश्व डाक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल में राष्ट्रीय डाक सप्ताह-2026 का भी शुभारंभ किया गया। यह आयोजन 9 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों, ग्राहकों, व्यापारियों और आम नागरिकों को डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं से परिचित कराने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को डाक विभाग की सुविधाओं, नई पहलों और आधुनिक होती वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य ग्राहकों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करना और अधिक से अधिक लोगों को अपनी सेवाओं से जोड़ना है।
दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवा को मिलेगी नई दिशा: हिमाचल प्रदेश में ड्रोन डिलीवरी के 36 से बढ़ाकर 110 मार्ग करने की योजना डाक सेवाओं में तकनीकी बदलाव की दिशा में अहम कदम है। इसके प्रभाव का आकलन इस आधार पर किया जाएगा कि सेवा कितने दूरस्थ गांवों तक पहुंचती है और डाक वितरण के समय में कितनी कमी आती है।
आने वाले समय में ड्रोन तकनीक का विस्तार पहाड़ी क्षेत्रों में डाक पहुंचाने के पारंपरिक तरीकों को नई दिशा दे सकता है। इससे दूरदराज के लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।