मोगा, 02 अक्टूबर, 2026 (लछमण जीत सिंह पुरबा): भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के जिला अध्यक्ष भूपिंदर सिंह दौलतपुरा और जिला मीडिया सचिव बलकरण सिंह ढिल्लों ने संयुक्त प्रेस बयान में केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के विपणन सीजन 2027-28 के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इसमें की गई बढ़ोतरी किसानों के साथ मजाक है। केंद्र सरकार द्वारा 30 सितंबर 2026 को घोषित कीमतों के अनुसार गेहूं की MSP बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल की गई है, जिसमें केवल 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये, मसूर में 390 रुपये, सरसों में 413 रुपये और कुसुम में 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
जिला अध्यक्ष भूपिंदर सिंह दौलतपुरा ने कहा कि गेहूं जैसी प्रमुख फसल की MSP में मात्र 25 रुपये यानी करीब एक प्रतिशत की बढ़ोतरी करके केंद्र सरकार ने किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत के प्रति अपनी बेरुखी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि खेती में डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और मजदूरी समेत अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में एम.एस.पी. में की गई यह बढ़ोतरी किसानों के लिए कोई वास्तविक राहत नहीं है।
जिला मीडिया सचिव बलकरण सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरसों और कुसुम की एम.एस.पी. में अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी का हवाला देकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है, लेकिन पंजाब के किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल इन फसलों की सुनिश्चित सरकारी खरीद और प्रभावी विपणन व्यवस्था की गारंटी का है। उन्होंने कहा कि चने की एम.एस.पी. में केवल 83 रुपये की बढ़ोतरी भी किसानों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए केवल एम.एस.पी. घोषित करना पर्याप्त नहीं है। किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50 प्रतिशत के फार्मूले के तहत लाभकारी एम.एस.पी. तथा एम.एस.पी. पर सुनिश्चित सरकारी खरीद की कानूनी गारंटी दी जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि एम.एस.पी. के इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष मोदन सिंह निधावाला, ब्लॉक महासचिव बंत सिंह निधावाला, हरमनप्रीत सिंह दौलतपुरा, हरनेक सिंह फतेहगढ़, कुलविंदर सिंह मोगा, लखवीर सिंह संधूआणा पूर्व सरपंच सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।





