मानसा, पंजाब, 10 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को फसल ऋण लेने के लिए अब पहले से अधिक हिस्सेदारी की राशि जमा करवानी पड़ सकती है। पंजाबी ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब सरकार की सहमति से सहकारी बैंकों ने नए नियमों के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। मानसा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने भी जिले की सहकारी समितियों को इस संबंध में पत्र जारी किया है।
भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के नेताओं के अनुसार, पहले किसान प्रति एकड़ 500 रुपये शेयर मनी जमा करवाकर 1,500 रुपये तक के ऋण के पात्र होते थे। अब हिस्सेदारी की राशि दोगुनी किए जाने से किसानों को ऋण मिलने से पहले अतिरिक्त पैसा जमा करवाना पड़ेगा। रिपोर्ट में दो लाख रुपये का ऋण लेने वाले किसान के लिए जमीन गिरवी रखने से संबंधित रजिस्ट्री की शर्त का भी उल्लेख किया गया है।
मानसा जिले में लगभग 110 सहकारी समितियां हैं, जिनसे कम से कम 35 हजार किसान जुड़े हुए हैं। किसान संगठनों का कहना है कि नए नियमों से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। भारतीय किसान यूनियन उगराहां के जिला अध्यक्ष ने भी इस फैसले पर चिंता जताई है।
किसान नेताओं ने सरकार से मांग की है कि नए नियमों पर दोबारा विचार किया जाए तथा हिस्सेदारी की राशि, ऋण की शर्तों और ब्याज दरों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। इन नियमों के विस्तृत विवरण की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।





