कुरुक्षेत्र, 5 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): कृषि एवं किसान विभाग के उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि जिले में धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि विभाग की टीमें लगातार खेत स्तर पर सख्त निगरानी कर रही है। टीमों द्वारा गांवों एवं खेतों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा फसल अवशेष जलाने की संभावित घटनाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि किसानों को फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गांवों में ग्राम सभाओं एवं जागरूकता बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों के दौरान किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं मृदा संबंधी नुकसान के बारे में जानकारी दी जा रही है तथा फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध वैकल्पिक उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल अवशेषों को खेत में मिलाने, अवशेषों का उचित प्रबंधन करने तथा कृषि यंत्रों का उपयोग करने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ किसानों से अपील की जा रही है कि वे फसल अवशेषों को आग न लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गांव स्तर से लेकर खेत स्तर तक लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे फसल अवशेष न जलाएं, ग्राम सभाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें तथा स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ मृदा के संरक्षण में सहयोग प्रदान करे।





