लुधियाना, 06 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना की वेटरनरी एंड लाइवस्टॉक इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन ने विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करने तथा उनके नवाचारी विचारों को व्यावहारिक व्यावसायिक उद्यमों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने हेतु तीन दिवसीय उद्यमिता बूटकैंप का आयोजन किया।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर ने आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता, नवाचार तथा स्टार्टअप विकास से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने में फाउंडेशन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
फाउंडेशन के निदेशक डॉ. राम सरन सेठी ने उद्यमिता बूटकैंपों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं को नवाचारी समाधानों, उद्यमों और रोजगार के अवसरों में बदलने के लिए सक्षम बनाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बूटकैंप में वेटरनरी विश्वविद्यालय तथा सरकारी कन्या महाविद्यालय के 15 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वेटरनरी विद्यार्थियों की भागीदारी ने इस पहल को विशेष महत्व प्रदान किया, क्योंकि इससे भावी पशु चिकित्सकों को पशु स्वास्थ्य, पशुपालन तथा संबंधित क्षेत्रों में उद्यमिता, नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों से परिचित होने का अवसर मिला।
फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती इकबालप्रीत कौर सिद्धू ने बताया कि बूटकैंप ने प्रतिभागियों को समस्या की पहचान, व्यावसायिक विचारों के विकास, बिजनेस मॉडल तैयार करने, विपणन तथा स्टार्टअप स्थापना से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
इस बूटकैंप का समन्वय फाउंडेशन के इन्क्यूबेशन एसोसिएट डॉ. शेख नसरुल इस्लाम द्वारा किया गया।

लुधियाना एंजेल्स नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शिवानंद दास ने “समस्या से व्यावसायिक विचार तक”विषय पर प्रथम सत्र के संसाधन वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करके नवाचारों और स्टार्टअप्स के माध्यम से व्यावहारिक व्यावसायिक अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
स्टेप जीएनई के कार्यकारी निदेशक डॉ. अरविंद ढींगरा ने “समाधान से व्यवसाय तक”विषय पर सत्र का संचालन किया। उन्होंने किसी नवाचारी विचार को एक टिकाऊ उद्यम में बदलने के लिए आवश्यक बिजनेस मॉडल विकास, बाजार की समझ और विपणन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
फॉर्च्यूनर फार्म्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं रणनीतिकार श्री पंकज नवानी ने एक इंजीनियर से व्यवसायी और फिर उद्यमी बनने तक की अपनी प्रेरणादायक यात्रा प्रतिभागियों के साथ साझा की।
फाउंडेशन के निदेशक डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि फाउंडेशन विश्वविद्यालय में उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता को एक करियर विकल्प के रूप में अपनाने हेतु व्यवस्थित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करना है।





