चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब में दिसंबर 2024 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला और मोगा जिलों के 50 वार्डों में दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। इनमें पटियाला नगर निगम के 28 वार्ड और मोगा जिले की बाघापुराना तथा धर्मकोट नगर परिषदों के 22 वार्ड शामिल हैं। अदालत ने पूरी चुनाव प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश ‘सीमा शर्मा एंड अदर्स बनाम स्टेट ऑफ पंजाब एंड अदर्स’ समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में Fact-Finding Commission का गठन किया था। आयोग ने 18 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।
पटियाला के कई वार्डों में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोके जाने की बात सामने आई। वार्ड नंबर 15 और 58 में कथित फर्जी या एक से अधिक मतदान तथा धमकाने से जुड़े सबूतों का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया। धर्मकोट के 7 और बाघापुराना के सभी 15 वार्डों में भी नामांकन और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं।
पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 50 वार्डों में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया।
अदालत ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए Monitoring Committee गठित करने और नामांकन से लेकर मतदान तक चुनाव के महत्वपूर्ण चरणों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों को Observers के रूप में नियुक्त किया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया की रिपोर्ट हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पंजाब में 2024 के स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। अब 50 वार्डों में नई चुनाव प्रक्रिया अदालत द्वारा निर्धारित निगरानी और पारदर्शिता के प्रावधानों के तहत कराई जाएगी।





