लुधियाना, 08 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग ने 10 लाभार्थी विद्यार्थियों के लिए “वैज्ञानिक घरेलू पोल्ट्री पालन (बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग) : प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक प्रदर्शन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. यशपाल सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम “भारत में कृषि संबंधी उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने” योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत “पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन में स्वरोजगार तथा रोजगार सृजन के लिए उद्यमिता कौशल विकास हेतु अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों (स्नातक एवं स्नातकोत्तर) तथा किसानों का प्रशिक्षण” विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण का संचालन एवं समन्वय डॉ. दलजीत कौर, डॉ. सुरेश कुमार तथा डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को घरेलू स्तर पर पोल्ट्री पालन संबंधी वैज्ञानिक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करना था। इसके अंतर्गत पोल्ट्री के बेहतर प्रबंधन, कम लागत वाले आवासीय ढांचे, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, जैव-सुरक्षा, नस्ल चयन, चूजों की देखभाल तथा पोल्ट्री उपकरणों के कुशल उपयोग पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिक घरेलू पोल्ट्री उत्पादन के सिद्धांतों से अवगत कराया गया, जिनमें उपयुक्त पक्षियों का चयन, आवास संबंधी आवश्यकताएं, स्थान प्रबंधन, भोजन एवं पानी की व्यवस्था, अपशिष्ट एवं बिछावन (लिटर) प्रबंधन, स्वच्छता तथा रोगों की रोकथाम शामिल थे।

प्रतिभागियों को ग्रामीण परिवारों एवं बेरोजगार युवाओं के लिए घरेलू पोल्ट्री पालन में कम निवेश के साथ आय अर्जित करने की संभावनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्रदर्शित वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।
वेटरनरी साइंस कॉलेज के डीन डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभाग के शिक्षकों को बधाई दी तथा वैज्ञानिक तरीके से घरेलू स्तर पर पोल्ट्री पालन (बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग) संबंधी विद्यार्थियों को सार्थक व्यावहारिक अनुभव एवं कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने के उनके प्रयासों की सराहना की।





