फतेहाबाद, 10 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी कंवल चौधरी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनावों के लिए मतदाता सूची का सही, अद्यतन और त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली इस संवैधानिक प्रक्रिया पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित तथा दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की पहचान करना, गलत प्रविष्टियों को सुधारना और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना है। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करते हैं। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है, जिसमें नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज करवाने का अवसर मिलता है।
कंवल चौधरी ने एसआईआर से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित राज्यों में करोड़ों मतदाताओं ने गणना फॉर्म भरकर प्रक्रिया में भागीदारी की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म-6 तथा नाम हटाने संबंधी आपत्तियों के लिए फॉर्म-7 जैसी निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। इसलिए किसी भी पात्र नागरिक को अपने मतदान अधिकार को लेकर अनावश्यक आशंकाओं में नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करना भी उतना ही आवश्यक है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जिम्मेदार और तथ्यपूर्ण चर्चा होनी चाहिए।





