लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्रि, दशहरा और छठ महापर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात सुचारु रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड में सक्रिय रहकर संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा।
शुक्रवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों, दुर्गा पूजा पंडालों, शोभायात्राओं और मूर्ति विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी रखने के साथ ड्रोन के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने को कहा। साथ ही, भीड़ प्रबंधन, बिजली आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने पर जोर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नवरात्रि से लेकर छठ महापर्व तक पुलिस प्रशासन की सक्रियता लगातार बनी रहनी चाहिए। जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं मैदान में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करें। अधिकारियों को स्थानीय लोगों, आयोजकों और शांति समितियों के सदस्यों के साथ संपर्क बनाए रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बल तैनात किया जाए। शहरों और कस्बों में यातायात बाधित नहीं होना चाहिए तथा प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए पहले से प्रभावी योजना तैयार की जाए।
प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों पर बढ़ेगी निगरानी
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, मां शाकंभरी देवी मंदिर, मां ललिता देवी शक्तिपीठ और नैमिषारण्य सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसरों में CCTV कैमरों की निगरानी, पर्याप्त रोशनी, निर्बाध बिजली आपूर्ति और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, शिकायतों का होगा त्वरित निपटारा
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय रखने, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी करने और महिलाओं तथा छात्राओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने और त्योहारों के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए।
दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा और ध्वनि मानकों का पालन जरूरी
दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान स्थापित होने वाले पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश-निकास और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने तथा समय-समय पर शांति समितियों की बैठकें आयोजित करने को कहा। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।
मूर्ति विसर्जन और शोभायात्राओं के लिए विशेष तैयारी
दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। शोभायात्राओं और विसर्जन मार्गों पर लटकते या ढीले बिजली के तारों को समय रहते ठीक कराने को कहा गया, ताकि किसी दुर्घटना की आशंका न रहे।
विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और जरूरत के अनुसार नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को तैयार रखने पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को विसर्जन स्थलों की स्थिति का पहले से निरीक्षण करने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी, शिकायतों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि त्योहारों के दौरान भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब देने पर भी जोर दिया।
प्रशासन को निर्देश दिया गया कि किसी भी संवेदनशील सूचना पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। त्योहारों के दौरान अफवाहों के कारण तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया गया।
राजस्व मामलों के निस्तारण और किसानों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग में ऐसे विवाद रहित मामलों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निस्तारण करने को कहा, जिनमें किसी प्रकार का विवाद या जटिलता नहीं है।
किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसानों को जरूरत के समय खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
त्योहारों के दौरान प्रशासन की सक्रियता पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, त्योहारों के दौरान पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, बिजली, अग्निशमन और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार की प्राथमिकता है कि शारदीय नवरात्रि, दशहरा और छठ महापर्व के दौरान प्रदेश में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे तथा श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में धार्मिक आयोजनों में भाग ले सकें।





