वाशिंगटन/सिराक्यूज़, 10 अक्टूबर, 2026 (छतरपाल सिंह): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए नॉर्वे की कड़ी आलोचना की है। 9 अक्टूबर को न्यूयॉर्क के सिराक्यूज़ में एक रैली के दौरान ट्रंप ने पुरस्कार नहीं मिलने के फैसले को “नॉर्वे के माथे पर न मिटने वाला दाग” करार दिया और कहा कि यह फैसला शर्मनाक है।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त करने और युद्धों को रोकने में भूमिका निभाई है। उन्होंने नोबेल पुरस्कार समिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस फैसले से पुरस्कार की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, युद्धों को समाप्त करने में अपनी भूमिका को लेकर ट्रंप द्वारा किए गए कई दावों पर विवाद रहा है।
इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की कानूनविद् और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लै को दिया गया है। पिल्लै ने युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महत्वपूर्ण तथ्य: नोबेल शांति पुरस्कार का फैसला नॉर्वे की सरकार नहीं, बल्कि स्वतंत्र नॉर्वेजियन नोबेल समिति करती है। समिति के सदस्यों की नियुक्ति नॉर्वे की संसद करती है, लेकिन पुरस्कार देने का निर्णय सरकार द्वारा सीधे तौर पर नहीं लिया जाता।





