अक्सर जब हम बाजार में सेब खरीदने जाते हैं, तो उसका गहरा लाल रंग और चमक देखकर आकर्षित हो जाते हैं. मन में यही विचार आता है कि सेब जितना अधिक लाल और बेदाग दिखेगा, वह स्वाद में उतना ही मीठा और रसीला होगा. हालांकि, कई बार घर आकर जब सेब काटा जाता है, तो वह खट्टा, सूखा या बेस्वाद निकल जाता है.
दरअसल, कृषि विशेषज्ञों और फल व्यापारियों के अनुसार, सेब का रंग उसकी मिठास का एकमात्र पैमाना नहीं है. सेब की मिठास उसकी किस्म (वैरायटी), पकने की प्रक्रिया और ताजगी पर निर्भर करती है. कुछ हरी या पीली किस्मों के सेब भी लाल सेबों से अधिक मीठे हो सकते हैं. ऐसे में बाजार से सही और मीठे सेब चुनने के लिए रंग के अलावा कुछ अन्य आसान तरीकों पर ध्यान देना जरूरी है:
1. छूकर देखें: सख्त और ठोस सेब चुनें
सेब खरीदते समय उसे हाथ में उठाकर हल्का दबाकर देखें. ताजा और अच्छी गुणवत्ता वाला सेब छूने पर ठोस महसूस होता है. यदि सेब दबाने पर बहुत नरम लगे या उसमें गड्ढा पड़े, तो वह अत्यधिक पका हुआ या अंदर से खराब हो सकता है.
2. खुशबू से समझें ताजगी का स्तर
पके और मीठे सेब में एक प्राकृतिक, हल्की फल जैसी सुगंध होती है. फल को पास से सूंघने पर यदि हल्की मिठास भरी महक आए, तो वह ताजा हो सकता है. वहीं, यदि सेब से कोई दुर्गंध या सिरके जैसी महक आ रही हो, तो उसे खरीदने से बचें.
3. वजन की तुलना करें: भारी सेब में अधिक रस
समान आकार के दो सेबों को दोनों हाथों में उठाकर देखें. जो सेब अपने आकार की तुलना में थोड़ा अधिक भारी महसूस होता है, उसमें प्राकृतिक रस की मात्रा अधिक होने की संभावना रहती है.
4. त्वचा की बनावट पर दें ध्यान
सेब की सतह को चारों तरफ से अच्छी तरह जांचें. छिलके पर गहरे धब्बे, झुर्रियां या चोट के निशान नहीं होने चाहिए. ध्यान रखें कि अत्यधिक चमकदार छिलका केवल मोम (वैक्स) की कोटिंग के कारण भी हो सकता है, जो मिठास की गारंटी नहीं है.
5. किस्म (वैरायटी) की जानकारी लें
यदि आपको खास तरह का मीठा स्वाद पसंद है, तो विक्रेता से सेब की किस्म के बारे में पूछें. ‘फूजी’, ‘हनीक्रिस्प’ और ‘रॉयल डिलीशियस’ जैसी कुछ किस्में अपनी प्राकृतिक मिठास के लिए जानी जाती हैं, जबकि कुछ अन्य किस्मों में हल्का खट्टापन (टैंगी स्वाद) होता है.
अगली बार जब भी फल मंडी या सुपरमार्केट जाएं, तो केवल रंग पर भरोसा करने के बजाय इन व्यावहारिक संकेतों को अपनाकर सही और मीठे सेब का चुनाव कर सकते हैं.