इंदौर, 12 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने इस मुकाबले में वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अभिषेक ने 30 गेंदों पर 69 रन की आक्रामक पारी खेली। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद कहा कि वेस्टइंडीज ने उनकी बल्लेबाजी को रोकने के लिए खास रणनीति अपनाई थी, लेकिन उन्होंने इसका जवाब अपनी तैयारी और खेल के अनुसार दिया। उनके मुताबिक, विपक्षी टीम की योजना को समझना और समय रहते अपनी रणनीति में बदलाव करना बेहतर प्रदर्शन के लिए बेहद जरूरी है।
ऑफ स्पिनर से गेंदबाजी की शुरुआत, अभिषेक ने निकाला तोड़
अभिषेक ने बताया कि वेस्टइंडीज ने ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज से गेंदबाजी की शुरुआत कराई और ऑफ साइड में अधिक क्षेत्ररक्षक तैनात किए। इस रणनीति का उद्देश्य अभिषेक के लिए रन बनाने के विकल्प सीमित करना था। हालांकि, भारतीय बल्लेबाज ने इसे चुनौती के रूप में लिया और परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी की योजना बनाई।
मैच के बाद अभिषेक ने कहा कि वह यह दावा नहीं करेंगे कि वेस्टइंडीज ने जानबूझकर उनके खिलाफ ऐसी योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें लगा कि टीम ने उनकी बल्लेबाजी को ध्यान में रखकर तैयारी की थी। उन्होंने कहा कि रोस्टन चेज ने इस सीरीज में अच्छी गेंदबाजी की है, इसलिए उन्होंने शुरुआती ओवर में उन्हें सम्मान दिया और फिर रन बनाने के अवसर तलाशे।
अभिषेक का मानना है कि पावरप्ले में अधिक से अधिक रन बनाना उनकी भूमिका का अहम हिस्सा है। इसी उद्देश्य से वह विपक्षी गेंदबाजों की रणनीति को समझकर उसके अनुसार अपने शॉट्स और बल्लेबाजी के तरीके में बदलाव करते हैं।
ईशान किशन के साथ 108 रन की अहम साझेदारी
भारतीय पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 108 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ईशान ने भी 37 रन बनाकर टीम की पारी को गति देने में योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई इस साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और टीम के स्कोर को प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अभिषेक की 30 गेंदों पर 69 रन की पारी ने भारतीय बल्लेबाजी को आक्रामक शुरुआत दी। उनकी बल्लेबाजी में तेजी और परिस्थितियों को समझने की क्षमता साफ नजर आई। भारत ने निर्धारित लक्ष्य का बचाव करते हुए अंततः मुकाबला अपने नाम कर लिया।
वेस्टइंडीज की वापसी के खतरे को लेकर सतर्क था भारत
भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, लेकिन मेहमान टीम ने भी मुकाबले में कड़ा संघर्ष किया। वेस्टइंडीज की टीम 223 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी और 14 रन से मुकाबला हार गई।
अभिषेक ने कहा कि वेस्टइंडीज ऐसी टीम है जिसके खिलाफ मुकाबले के दौरान कभी भी जीत को लेकर पूरी तरह निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम को पिछले मैच के अनुभव से पता था कि वेस्टइंडीज किस तरह परिस्थितियों का फायदा उठाकर मैच में वापसी कर सकती है।
उन्होंने कहा कि टीम के सामने चुनौती यह थी कि विकेट गिरने के बावजूद विपक्षी बल्लेबाजों को वापसी का अवसर न दिया जाए। भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान लगातार दबाव बनाए रखने और विरोधी टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचने से रोकने पर था।
अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी ने दिलाई जीत
भारतीय गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने भी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 44 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और वेस्टइंडीज की रन गति पर अंकुश लगाने में मदद की। लक्ष्य का पीछा करते समय वेस्टइंडीज ने रन बनाने की कोशिश जारी रखी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
भारत की जीत में जहां अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और ईशान किशन के साथ उनकी साझेदारी अहम रही, वहीं अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी ने विपक्षी टीम को लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने में योगदान दिया।
तैयारी को अभिषेक ने बताया सफलता की कुंजी
अभिषेक शर्मा ने कहा कि टी20 क्रिकेट में पावरप्ले का अधिकतम लाभ उठाने के लिए तैयारी बेहद जरूरी है। वह विपक्षी टीम और उसके गेंदबाजों को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनाते हैं। वह यह समझने की कोशिश करते हैं कि कौन सा गेंदबाज उनके खिलाफ किस तरह की गेंदबाजी कर सकता है और ऐसी स्थिति में उन्हें किस रणनीति के साथ खेलना चाहिए।
उनके अनुसार, केवल आक्रामक बल्लेबाजी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विपक्षी टीम की योजना को समझकर उसके अनुसार जवाब देना भी जरूरी है। तीसरे टी20 मुकाबले में उनकी पारी इसी तैयारी और रणनीतिक सोच का उदाहरण रही।
भारत की इस जीत से टीम को सीरीज में महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। अब भारतीय टीम की कोशिश अगले मुकाबले में भी इसी लय को बनाए रखते हुए सीरीज पर अपनी पकड़ मजबूत करने की होगी।






